Gonda News : नौकरी दिलाने के नाम पर बनवाए बैंक खाते, 21 करोड़ के साइबर फ्रॉड में पांच आरोपी गिरफ्तार
गोंडा पुलिस और साइबर सेल ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह नौकरी का झांसा देकर म्यूल अकाउंट खुलवाता था। जांच में 21 करोड़ रुपये के लेन-देन और 43 साइबर शिकायतों का खुलासा हुआ।
गोंडा, अमृत विचार: पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, आठ मोहर, दो पैन कार्ड, एक डेबिट कार्ड, दो वोटर आईडी, एक मेमोरी कार्ड, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान विभिन्न खातों में 3.20 करोड़ रुपये की संदिग्ध धनराशि भी फ्रीज कराई गई है।
थाना कोतवाली देहात पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खिरौरा मोहन क्रॉसिंग, बहराइच रोड से दीपक गोयल, विजय सोनी, देवनारायण मिश्रा, गंगोत्री पाण्डेय और शहबान आलम उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरोह बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को सोलर कंपनी में नौकरी और 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर करंट खाते खुलवाता था।
बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराकर इंटरनेट बैंकिंग का पूरा नियंत्रण अपने पास रखता था। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल निवेश धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन समेत अन्य साइबर अपराधों से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। जांच में आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों से 20 से अधिक म्यूल अकाउंट का पता चला है, जिनमें करीब 21 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली है।
इन खातों के संबंध में उत्तर प्रदेश सहित 11 राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर 43 शिकायतें दर्ज हैं। इस कार्रवाई में निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता, निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, आरक्षी हरिओम टंडन, अमित कुमार गौड़, मनीष कुशवाहा, आलोक सविता, राजेन्द्र कुमार और शिवम मिश्रा की अहम भूमिका रही। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
