Sitapur News : शैक्षणिक संस्थान की भूमि विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीतापुर के छावनी कदीम, परगना-खैराबाद स्थित एक शैक्षणिक संस्थान की भूमि विवाद से जुड़े मामले में दोनों पक्षों को अगली सुनवाई तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को तय करते हुए इसे शीर्ष 10 मामलों में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

सीतापुर/अमृत विचार। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने सीतापुर के छावनी कदीम परगना-खैराबाद स्थित शैक्षणिक संस्थान की भूमि के मामले में दोनों पक्षों को अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि इस भूमि पर पिछले 150 वर्षों से एक शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहा है, जिसे सरकारी रिकॉर्ड में गलत तरीके से नजूल भूमि दर्शाया गया है और इस पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, यह जमीन उनके पूर्वजों द्वारा साल 1862 में खरीदी गई थी। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी वकील का कहना था कि जिलाधिकारी सीतापुर द्वारा पारित आदेश के तहत केवल अन्य क्षेत्रों पर ही कब्जा या कार्रवाई की गई है और संस्थान व चर्च वाले हिस्से को नहीं छुआ गया है।

मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि कब्जे में ली गई विवादित संपत्ति की प्रकृति में कोई बदलाव न किया जाए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई 2026 की तिथि नियत की है और इसे शीर्ष 10 मामलों में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

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