19 अप्रैल को अयोध्या के 5000 मंदिरों में विशेष अनुष्ठान, लग रहा है गजकेसरी और त्रिपुष्कर योग का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ/अयोध्या, अमृत विचार : अक्षय तृतीया पर राम मंदिर समेत सभी 5000 मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान का भी आयोजन किया जायेगा। विभिन्न मठ मंदिरों में भव्य झांकी सजेगी। भगवान को 56 प्रकार के व्यंजन और मौसमी फलों का भोग भी लगाया जाएगा।

महंत सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा कि अक्षय तृतीया भगवान विष्णु का दिन माना गया है। अयोध्या के सभी मंदिरों में भगवान विष्णु के 11वें अवतार के रूप में श्री राम की पूजा होती है। इस दिन मंदिरों के गर्भगृह में विशेष झांकी सजाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 19 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन भगवान को सुबह स्नान अभिषेक के बाद सूती वस्त्र धारण कराकर विशेष श्रृंगार होगा। जिसके बाद भव्य आरती का भी आयोजन किया जाएगा।दोपहर में मौसमी फल तरह-तरह के व्यंजनों का भोग लगाकर उसका प्रसाद भक्तों में वितरित होगा। उन्होंने बताया कि खेतों में पूजन-अर्चन करने के बाद नई फसल को उगाने के लिए खेती प्रारंभ करते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट विशेष आयोजन की तैयारी कर रहा है। ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्रा के मुताबिक अक्षय तृतीया पर विधि विधान पूर्वक परंपरागत आयोजन संपन्न किए जाएंगे। यह बहुत महत्वपूर्ण तिथि है और हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान के विशेष भोग श्रृंगार व धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन की तैयारी है। इसमें वैदिक आचार्य परिसर में स्थित यज्ञशाला में अनुष्ठान को संपन्न करेंगे।

19 को अक्षय तृतीया, बनेंगे कई शुभ योग

वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी अक्षय तृतीया 19 अप्रैल रविवार को है। इसे ‘आखा तीज’ भी कहते हैं। इस तिथि को किए गए शुभ कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस वर्ष अक्षय तृतीया पर कई विशेष शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन गुरु और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित रहेंगे, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण होगा। इसके साथ ही त्रिपुष्कर योग भी रहेगा, जिसके प्रभाव से किए गए कार्यों का तीन गुना फल मिलने की मान्यता है। अक्षय तृतीया को आयुष्मान योग भी रहेगा। ये योग स्वास्थ्य और आरोग्य की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा मालव्य और शश जैसे अन्य शुभ योग भी हैं। तृतीया 19 अप्रैल को सुबह 10:50 बजे से 20 अप्रैल को सुबह 7:28 बजे तक रहेगी। मध्याह्नव्यापिनी तृतीया 19 अप्रैल की दोपहर में ही रहेगी, इसलिए इसी दिन अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन विवाह, खरीदारी, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत विशेष फलदायी मानी जाती है।

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