Uttrakhand: उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, हल्दुचौड़ अस्पताल को 6 हफ्ते की डेडलाइन

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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हल्दूचौड़। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्दुचौड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और संबंधित विभागों को छह सप्ताह के भीतर जमीनी स्तर पर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

जनहित याचिका गोविंद बल्लभ भट्ट बनाम उत्तराखंड सरकार की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि अब केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। न्यायालय ने अस्पताल में रिक्त पदों को भरने, संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई में धरातल पर हुए कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि अपेक्षित सुधार नहीं मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

याचिका में अस्पताल में स्टाफ की कमी, मशीनों के संचालन में लापरवाही, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। इस मामले को समाजसेवी हेमंत सिंह गौनिया और गोविंद बल्लभ भट्ट लगातार उठा रहे हैं।

दोनों समाजसेवियों ने दिल्ली की एक एनजीओ के माध्यम से करीब एक करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए तथा बंद पड़ी मशीन को चालू कराने के लिए पेपर मिल से करीब डेढ़ लाख रुपये की सहायता दिलाई। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब अगले छह सप्ताह में हल्दूचौड़ अस्पताल की स्थिति में सुधार को लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय हो गई है।

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