यूपी में ई-डिटेक्शन मॉड्यूल लागू: नियम तोड़ने वालों का होगा स्वतः ई-चालान, वाहनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई संभव
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में ई-डिटेक्शन मॉड्यूल का पायलट प्रोजेक्ट लांच किया गया है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर अब स्वचालित रूप से ई-चालान जारी होगा।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह प्रणाली केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की पहल के अनुरूप लागू की जा रही है। इसके जरिए बिना वैध दस्तावेजों के चलने वाले वाहनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में इस पायलट प्रोजेक्ट को लखनऊ के इटौंजा टोल प्लाजा और बाराबंकी के अहमदपुर टोल प्लाजा पर लागू किया जा रहा है। पायलट की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा।
इस प्रणाली के तहत वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी), हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) और पंजीकरण प्रमाण पत्र की वैधता की जांच की जाएगी। परिवहन और गैर-परिवहन दोनों श्रेणी के वाहनों को इसके दायरे में लाया गया है।
ई-डिटेक्शन मॉड्यूल के लागू होने से टोल प्लाजा से गुजरने वाले नियम उल्लंघनकर्ता वाहनों का स्वतः पता लगाया जाएगा और बिना मानवीय हस्तक्षेप के ई-चालान जारी होगा। इससे प्रवर्तन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और वाहन चालकों में नियमों के प्रति अनुशासन भी मजबूत होगा।
मंत्री ने कहा कि यह पहल सुशासन और स्मार्ट प्रवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपडेट रखें, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
