बदायूं:बिसौली में पागल कुत्ते का आतंक, दर्जनों पर हमला करके किया घायल
दातागंज, अमृत विचार। पूरा जिला छुट्टा गोवंश, कुत्ते और बंदरों से परेशान है। अब बिसौली क्षेत्र के लोग पागल कुत्ते से दिक्कत में आ गए हैं। सोमवार सुबह एक पागल कुत्ते ने महिलाओं, बुजुर्ग समेत कई लोगों पर हमला करके घायल कर दिया। नगर में पूरा दिन अफरा तफरी का माहौल बना रहा। कुत्ते और बंदरों के हमले की वजह से लगभग सौ लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी रेबीज का टीका लगवाया। पूरे सीएचसी में लोगों की भीड़ रहे। हर कोई पहले टीका लगवाने को बेताब नजर आया।
पागल कुत्ते के काटने का पहला मामला बिल्सी रोड पर सामने आया। कुत्ते ने हेलमेट विक्रेता पर हमला किया। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। कुत्ते ने बिल्सी से नगर मार्ग स्थित बुध बाजार के पास अभिनंदन शादी बैंक्वेट हॉल में एक विदाई समारोह में आए कई लोगों पर हमला किया। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और दुकानदारों पर भी हमला करके घायल कर दिया। पागल कुत्ते ने गांव अजनावर, सर्वा, और ढिलवारी में कई ग्रामीणों के साथ दुधारू पशुओं को भी काटा। बिसौली निवासी राजे अली को रविवार को पागल कुत्ते ने काटा था। जिसके बाद सोमवार को भी उसे कुत्ते ने काटा। यह पागल कुत्ता पैर के अलावा हाथ और सिर तक पर हमला कर रहा है। लोगों ने कुत्ते को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। पशु प्रेमी, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी कुत्ते की तलाश कर रहे हैं। चीफ फार्मासिस्ट डीएन मिश्रा सीएचसी पर लोगों को टीका लगाते रहे और उपचार किया।
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बिसौली छुट्टा पशुओं को पकड़ने और रखने के लिए कोई पिंजरा और स्थान नहीं है। यह नगर पालिका की जिम्मेदारी है। व्यवस्था मिले तो पशुओं का टीकाकरण और बधियाकरण करवा देंगे। हालांकि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। फिर भी पालिका चाहेगी तो यह काम किया जा सकता है। बंदर हमारे क्षेत्र से बाहर हैं। पागल कुत्ते के काटने वालों को टीका लगाया गया है।
पशु प्रेमी विभू शर्मा के मुताबिक कुत्तों का टीकाकरण और बधियाकरण होना चाहिए। इसके लिए बिसौली की नगर पालिका जिम्मेदार है। बंदरों के मामलों में बहुत मानवीयता से काम लेना होगा। समुचित व्यवस्था के साथ ही इन्हें पकड़कर कहीं पहुंचाया जाए। कुत्ते और बंदरों की वजह से अब बहुत ज्यादा समस्या सामने आने लगी है।
नगर पालिका बिसौली कार्यकारी अधिकारी रवि यादव ने बताया कि पागल कुत्ते के लोगों को काटने का मामला सामने आया था। अपने लगभग छह महीने के कार्यकाल में छुट्टा पशुओं के टीकाकरण जैसा कोई कार्यक्रम नहीं कराया गया है। जल्द ही चर्चा करके प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
सीएचसी, बिसौली डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि बिसौली क्षेत्र में बंदरों और कुत्तों की बाइट के 50 से 60 मामले रोज आते हैं। आज का मामला चौंकाने वाला है। करीब सौ लोगों का इलाज किया गया। जिसमें कुछ बंदरों के काटने के मामले थे। नियमानुसार तीसरे दिन भी उन्हें दूसरा टीका लगाया जाएगा। एक महीने के अंदर पांच बार में एंटी रेबीज टीका लगाया जाएगा। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज उपलब्ध है। जिनके चेहरे पर घाव थे उन्हें एआरएस एंटी रेबीज सीरम लगाया है।
