संतकबीरनगर : बुलडोजर से नहीं टूट रहा ब्रिटिश मौलाना का मदरसा, मंगाई गईं ड्रिल मशीनें
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश मैं संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान का मदरसा बुलडोजर और पोकलैण्ड से नहीं टूट रहा है। अब प्रशासन ने ड्रिल मशीनें मंगाई हैं। वजह यह है कि मदरसे का ढांचा बेहद मजबूत है। प्रशासन ने सोमवार सुबह 10 बजे दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू की। आगे के हिस्से को तोड़ने के लिए 2 पोकलैण्ड मशीनें और 5 बुलडोजर लगाए गए हैं लेकिन थोड़ी देर बाद एक पोकलैंड मशीन में खराबी आ गई।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर स्थित खलीलाबाद के मीटमंडी रोड पर ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा द्वारा स्थापित मदरसा करोड़ों का है जिसे बहुत मजबूत बनाया गया है। जिला प्रशासन ने पहले तो ब्रिटिश मौलाना के बैंक खाते सीज कर दिए इसके बाद मदरसे को सील कर दिया। अब मदरसे को जमीदोज किया रहा है। इस क्रम में कल करीब एक घंटे तक कार्रवाई चली, लेकिन मदरसे के पिलर नहीं टूट पाए।
फिर प्रशासन ने बुलडोजर और पोकलैंड मशीनों को रोक दिया गया। आज ड्रिल मशीन मंगाकर मदरसा तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर 30 महिला पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 पुलिसवाले तैनात हैं। पीएसी की दो कंपनियां भी लगाई गई हैं। इससे पहले रविवार को 13 घंटे तक कार्रवाई चली थी। चारदीवारी और 10 से अधिक पिलर तोड़े गए थे। पीछे का करीब 15 फीट हिस्सा और कमरों की आगे-पीछे की दीवारें ही तोड़ी जा सकी थीं।
एसडीएम सदर हृदयराम तिवारी ने यहाँ बताया कि मौलाना शमसुल हुदा ने 8 साल पहले सरकारी जमीन पर 640 वर्गमीटर (करीब 7 हजार वर्गफीट) में तीन मंजिला मदरसे का निर्माण कराया था। इसमें कुल 25 कमरे हैं। इसको बनाने में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत आई थी। आरोप है कि इसका निर्माण विदेशी फंडिंग के जरिए किया गया था। मदरसा साल-2024 से बंद है। उस समय मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे।
प्रशासन के मुताबिक, मदरसा खलीलाबाद तहसील के खलीलाबाद शहर में स्थित है। 2024 में गांव निवासी अब्दुल हकीम ने मदरसे के अवैध निर्माण की शिकायत एसडीएम कोर्ट में की थी। नवंबर 2025 में एसडीएम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया था।
मदरसा प्रबंधन ने डीएम के समक्ष अपील दाखिल की, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला कमिश्नर के पास पहुंचा। 25 अप्रैल को कमिश्नर बस्ती ने निगरानी खारिज करते हुए एसडीएम कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने मदरसा कमेटी को ध्वस्तीकरण का रिमाइंडर नोटिस जारी किया था।
