Bareilly: सुई-धागे से परिवार की तकदीर बुनेगी आधी आबादी, सीडीओ की पहल पर तैयार करेंगी मास्क 

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। महिलाओं के हाथों में अब न केवल हुनर होगा, बल्कि वे सुई-धागे से अपनी और अपने परिवार की तकदीर बुनेंगी। सीडीओ देवयानी ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत कार्य कर रही महिलाओं को सीधे स्वास्थ्य विभाग की जरूरतों से जोड़ने का निर्णय लिया है। जिसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मास्क, एप्रन, बेड शीट और साफ-सफाई का सामान तैयार करेंगी। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारियों के साथबैठक होगी।

सीडीओ ने योजना के पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छोटे अस्पतालों का चयन करने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को एक निश्चित बाजार मिल सके। इससे न केवल अस्पतालों को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण सामान मिलेगा, बल्कि हिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे जिले के अन्य बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों तक विस्तार देने की योजना है।

बाजार और दरें तय करने पर रहेगा जोर
सीडीओ देवयानी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पताल प्रबंधकों और समूहों के बीच समन्वय स्थापित करना है। जिससे महिलाओं की ओर से तैयार माल किस दर पर सप्लाई किया जाए, ताकि उन्हें उचित मुनाफा मिल सके। साथ ही, बैठक में इस पर भी विचार-विमर्श होगा कि भविष्य में महिलाएं अस्पताल की जरूरतों के हिसाब से और कौन-कौन से नए उत्पाद बना सकती हैं, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें।

 

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