रायबरेली : 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर दंपती से ठगे 82.50 लाख रुपए, पुलिस ने शुरू की जांच

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के शहर इलाके में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है जिसमे 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर दंपति से 82.50 लाख की ठगी की गई। पुलिस ने करीब 30-32 लाख रुपए की धनराशि बैंक खातों में होल्ड करा दी है।

पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि शहर के गोराबाजार, सम्राट नगर निवासी सेवानिवृत्त फौजी सूर्यभान सिंह और उनकी पत्नी गायत्री सिंह से साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 82.50 लाख रुपये की ठगी कर ली।जालसाजों ने खुद को सीबीआई का उच्च अधिकारी बताकर दंपती को यह कहकर डराया कि उनके बैंक खाते में आतंकवादियों का पैसा आया है और वे गंभीर जांच के दायरे में हैं।

सूत्रों के मुताबिक, 11 अप्रैल से शुरू हुई इस ठगी में आरोपियों ने वीडियो कॉल और सामान्य कॉल के जरिए दंपती पर लगातार दबाव बनाया। उन्हें पांच दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया, इस दौरान दंपती इतना सहम गया कि बच्चों और अपनी सुरक्षा के डर से उन्होंने पुलिस तक को सूचना नहीं दी। हालत यह रही कि वे हर समय मोबाइल अपने साथ रखते थे और बाथरूम तक फोन लेकर जाते थे, ताकि कॉल मिस न हो और जालसाजों के निर्देशों का पालन करते रहें। 

अपराधियों ने अलग-अलग तारीखों पर भारी रकम ट्रांसफर कराई। 13 अप्रैल को इंडियन बैंक, नोएडा स्थित एक खाते में आरटीजीएस के जरिए 65 लाख रुपये भेजे गए। इसके बाद 15 और 16 अप्रैल को यस बैंक, पश्चिम बंगाल के एक खाते में दो बार में कुल 17.50 लाख रुपये जमा कराए गए। ठगी का एहसास होने पर 16 अप्रैल को पीड़ित ने बैंक को सूचित किया और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। 

इसके बाद 18 अप्रैल को कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने करीब 30- 32 लाख रुपये सम्बंधित बैंक खातों में होल्ड करा दिए हैं और उम्मीद जताई है कि जल्द ही जांच प्रक्रिया पूरी होते है धनराशि पीड़ित को लौटाई जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित खातों व कॉल डिटेल के आधार पर जालसाजों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराने-धमकाने की कोशिश करे तो तुरंत कॉल काटकर स्थानीय पुलिस को सूचना दें।  

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