Uttrakhand: चंद कदमों पर थी घर की दहलीज, रोडवेज बस से कुचलकर बच्ची की मौत

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। रानीबाग में नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर चार साल की बच्ची की मौत रोडवेज बस की चपेट में आने से हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची के साथ में अन्य बच्चे भी थे। किसी तरह बच्चों को बचाने की कोशिश की गई लेकिन एक बच्ची बस की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई।

मासूम बच्ची का परिवार घटनास्थल के सामने ही चंद कदमों पर दूरी पर सरिया सीमेंट के गोदाम के बेसमेंट में रहता है। आंगनबाड़ी से घर की दूरी कुछ ही मीटर की है और जहां पर हादसा हुआ है वह जगह उसके घर से मुश्किल से 10 मीटर होगी। कुछ ही मीटर की दूरी से बच्ची घर आने को रह गई और उसका शव वहीं से पोस्टमार्टम हाउस को चला गया।

सोमवार करीब दोपहर 12 बजे रानीबाग में रोड की दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र की छुट्टी हुई। वहीं पास में रहने वाली कशिश अपने साथियों के साथ रोड पार करते हुए घर की तरफ चली। इतने नैनीताल की तरफ से आ रही रुद्रपुर की डिपो की रोडवेज बस यूके 06 पीए 1726 आई।

बताया जा रहा है कि बस की गति तेज थी और बच्चों का रोड पार करते हुए देखने के बाद भी उसने गति धीमी नहीं की। इतने बच्चे बस की चपेट में आ गए। तीन बच्चों को किसी तरह मौके पर मौजूद लोगों ने पीछे की ओर खींच लिया लेकिन मासूम कनक बस की चपेट में आ गई और बस के नीचे करीब 20 मीटर घसीटती चली गई। मासूम की कुचलने से मौके पर ही मौत हो गई।

घटना देख लोग आगबबूला हो गए। उन्होंने बस को वहीं रोक लिया और चालक को बाहर निकालकर उसकी पिटाई कर दी। बस की तोड़फोड़ भी शुरू कर दी गई। यह देख बस में बैठे यात्री सहम गए। उन्होंने बस को खाली कर दिया। मौके पर भाजपा नेता सचिन शाह भी पहुंचे। उन्होंने भी आक्रोश जताते हुए पुलिस को फोन किया।

इस दौरान नैनीताल रोड पर लंबा जाम लग गया। कॉलटैक्स से जाम शुरू होकर एचएमटी और नैनीताल रोड पर भुजियाघाट तक पहुंच गया। जिस तरफ बस ने एक्सीडेंट किया था उस तरफ करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह रुक गया। एसपी सिटी मनोज कत्याल भी पहुंचे। भीड़ जमकर पुलिस को खरीखोटी सुनाई। शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने में पुलिस के पसीने छूट गए।

एंबुलेंस के अंदर शव रखा था लेकिन लोगों ने एंबुलेंस की चाबी निकाल ली। बच्ची के परिवार वाले एसपी सिटी के पैरों में पड़ गए। रो-रोकर सबका बुरा हाल था। बहुत मनाने के बाद किसी तरह परिवार वाले माने और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके बाद रोड पर यातायात सामान्य हुआ।

मां-बाप को संभालना हुआ मुश्किल
बच्ची का पिता जीवनलाल मूलरूप से पीलीभीत जिले तेहरी गांव के रहने वाले हैं। परिवार वहीं एक सरिया-सीमेंट की दुकान में काम करता है। अपनी मासूम बच्ची का शव देखकर मां-बाप को संभालना मुश्किल हो गया। बार-बार उन्हें पानी पिलाकर होश में लाया जा रहा है। मां बस यही कही रही थी कि मेरी बच्ची का क्या कसूर था लेकिन किसी के पास भी इस सवाल का जबाव नहीं था। हर कोई मासूम का रखा शव और रोते-बिलखते परिजनों को देखकर गमजदा थे। लोगों ने बताया कि बच्ची के दो और भाई-बहन थे। परिवार मेहनत करके किसी तरह गुजर-बसर करता है। रोजी-रोटी की तलाश में रानीबाग आए लेकिन उनके ऊपर दमुखों का पहाड़ टूट गया।

आरएम पूजा जोशी भी पहुंची
हल्द्वानी। रोडवेज की आरएम पूजा जोशी भी पहुंची तो उनसे भी लोगों ने शिकायत की। बताया कि यहां पर रोडवेज बस चालक बस को धीमा नहीं करता है। ऊपर से आते समय ढलान होता है, इस वजह से बस में गति होती है। हाथ देने पर भी बस चालक बस को धीमा नहीं करता है। यहां तक की लोगों ने दिखाया कि जिस बस से एक्सीडेंट हुआ है उसकी नंबर प्लेट भी ठीक से पढ़ने में नहीं आ रही है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में रोडवेज की तरफ से पांच लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है। वहीं आक्रोशित लोगों ने यह भी कहा कि वाहन चालकों की स्पीड पर लगाम लगाने में पुलिस भी पूरी तरह से विफल साबित हो रही है।

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