बहराइच में बढ़ती गर्मी पर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने संबंधित विभागों को दिए ये निर्देश
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जिले के सभी संबंधित विभागों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने जल, स्वास्थ्य, बिजली, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।
जिलाधिकारी ने ड्रेनेज, नलकूप, वन और पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से जिले के सभी अमृत सरोवरों और जल स्रोतों को एक सप्ताह के भीतर भरवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन और मवेशियों को गर्मी के दौरान पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
नगर निकाय, पंचायती राज और जल निगम विभाग को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी हैंडपंप पूरी तरह चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सिंचाई विभाग को नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार करने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पानी नहरों की टेल तक पहुंचे।
डीएम ने अधिशासी अभियंता नलकूप को निर्देशित किया है कि सभी राजकीय नलकूप चालू हालत में रहें। यांत्रिक और विद्युत खराबी से बंद नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए और छोटी-मोटी तकनीकी खराबी के कारण पेयजल व्यवस्था प्रभावित न होने पाए। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों में शीतल पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कम से कम मटकों की व्यवस्था हर कार्यालय में की जाए, ताकि आने वाले लोगों को राहत मिल सके। डीएम ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हीट वेव से बचाने के लिए विशेष प्रबंध करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पीएचसी और सीएचसी में पर्याप्त स्टाफ तैनात करने तथा लू से बचाव को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी को एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है, ताकि लोगों को गर्मी और लू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी मिल सके। बिजली विभाग को खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण स्थलों और अन्य कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी गो आश्रय स्थलों में गोवंशों के लिए पर्याप्त हरा चारा, पानी, भूसा, छांव और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पंखे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। बीडीओ और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संरक्षित गोवंश किसी भी हालत में धूप में न रहें। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे अपने घरों की छतों और आंगनों में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था अवश्य करें, ताकि भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।
