यूपी में चुनावी रणनीति पर मंथन तेज: मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर बड़े बदलावों की तय हुई गणित, CM योगी से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना तावड़े
लखनऊ, अमृत विचार: भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलावों को लेकर गहन मंथन किया। दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर फीडबैक लिया और इसके बाद दिल्ली रवाना हो गए।
प्रदेश में भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर चल रही हलचल ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी दिल्ली और लखनऊ के बीच लगातार बैठकें कर चुके हैं। लखनऊ प्रवास के दौरान तावड़े ने रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक समेत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही एवं भूपेंद्र चौधरी समेत कई मंत्रियों एवं संगठन पदाधिकारियों से मिलकर मंत्रिमंडल विस्तार, क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन और संगठन में नए चेहरों को लेकर फीडबैक जुटाया। लखनऊ में दो दिनी ठहराव के बीच तावड़े ने नौ साल के कार्यकाल के दौरान सरकार के प्रति सत्ता रोधी रुझान एवं पीडीए के नैरेटिव के असर की थाह भी ली।
राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े की सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट सत्ता और संगठन में सामंजस्य से लेकर कई बड़े निहितार्थ हैं। चुनावी वर्ष में भाजपा ने मंत्रिमंडल एवं संगठन में अहम बदलावों के जरिए बड़ा चुनावी संदेश देने का गुणा गणित है। पिछले माह प्रदेशभर में नगरीय निकायों में 2802 सभासदों के समायोजन का परिणाम सकारात्मक मिलने से उत्साहित भाजपा निगम, आयोग, बोर्ड एवं प्राधिकरणों की रिक्तियां भरना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी चुनावी वर्ष में बड़े बदलावों के जरिए नया संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है। संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है।
संगठन व मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए फैक्टर
भाजपा इस बार चुनावी रणनीति में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फैक्टर को ध्यान में रखते हुए संगठन और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सत्ता विरोधी रुझानों का आकलन भी किया गया है। माना जा रहा है कि यदि बड़े स्तर पर फेरबदल नहीं हुआ, तो मंत्रिमंडल में करीब छह नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मद्देनजर कम से कम एक महिला चेहरे को भी जगह देने की तैयारी है।
