Bareilly: बड़ा खुलासा...100 साल पुराने नक्शों ने बिगाड़ा कई रसूखदारों का खेल

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम के सामने बीडीए से विधिवत नक्शा पास करा चुके भवन भी अवैध निर्माण की जद में हैं। कई भवनों का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के दायरे से बाहर सड़क क्षेत्र तक फैल गया है। इतना ही नहीं, विकास प्राधिकरण की ओर से खुद बेचे गए कुछ प्लॉट और दुकानों के हिस्से भी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इस विसंगति ने प्रशासन और संपत्ति स्वामियों के बीच असमंज की स्थिति पैदा कर दी है।

इस प्रोजेक्ट में जीआरएम स्कूल का हिस्सा भी बाधा बना हुआ है। इसको लेकर सभी की निगाहें आज यानी मंगलवार शाम चार बजे होनी वाली बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक अपर नगर आयुक्त कार्यालय में बुलाई गई है। इस बैठक में तय होगा कि शहर के विकास के लिए सड़क को चौड़ा करने और मौजूदा निर्माणों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, ताकि सीएम ग्रिड योजना परवान चढ़ सके। अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार राठी के अनुसार, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को साक्ष्यों और रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। इस बैठक में तय होगा कि अवैध निर्माण को ढहाने के लिए बुलडोजर कब चलेगा और प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी।

 

संबंधित समाचार