बढ़े तापमान में रखे स्वास्थ्य का ख्याल, हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए पिएं अधिक से अधिक पानी
अयोध्या, अमृत विचार। मौसम का तापमान बढ़ा है। ऐसे में लू (हीट स्ट्रोक) से बचने के लिए एहतियात बरतें। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट ने जनसामान्य से इससे सावधान रहने और स्वास्थ्य की देखभाल की अपील की है।
कब लगती है लू, लक्षण
-गर्मी में शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर तू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारियों, मोटापा, पार्किंसंस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह में लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। गर्म लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उथले श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मितली, थकान और कमजोरी होना चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी इसके लक्षण हैं।
बचाव के तरीके
हीट स्ट्रोक से बचने के लिए प्रचार माध्यमों पर हीट वेव/लू की चेतावनी पर ध्यान दें, अधिक से अधिक पानी पिएं, यदि प्यास न लगी हो तब भी।
हल्के रंग के पसीना सोखने वाले हल्के वस्त्र पहनें, धूप के चश्मे, छाता, टोपी, व चप्पल का प्रयोग करें, खुले में कार्य करते है तो सिर चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें। छाते का प्रयोग करें।
लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछे अथवा नहलाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।
यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ ले जाएं। ओआरएस, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके।
बीमारी अनुभव होने पर तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें।अधिक प्रोटीन, बासी एवं संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों का प्रयोग न करें।
अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।
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