Bareilly: निगम की बोर्ड बैठक में निर्माण से जुड़े टेंडरों पर बखेड़ा, विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार खी गूंज
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई, जहां विकास की चर्चा से ज्यादा निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में ''''खेल'''' के आरोपों पर बखेड़ा खड़ा हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच महापौर ने केवल बजट पर बोलने की अनुमति देने की बात कही, जिससे माहौल और गरमा गया भारी गहमागहमी और लोकतंत्र की हत्या जैसे नारों के बीच आखिर में नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया।
बोर्ड बैठक में सबसे पहले पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अधूरे एजेंड़ा देने पर नाराजगी जताई और कहा कि हर बार की बैठक में इस बार इसको लेकर अंदेखी की गई। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने सीधे तौर पर निर्माण विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के विकास के लिए आने वाला पैसा फाइलों में ही दम तोड़ रहा है। सवाल उठाया कि जहां महापौर कैंप कार्यालय के सौंदर्यीकरण के लिए 10 बार टेंडर निकल सकते हैं, वहीं वार्डों की टूटी सड़कों और नालियों के लिए टेंडर प्रक्रिया महीनों तक क्यों लटकी रहती है। उन्होंने नगर आयुक्त की उस जांच का हवाला भी दिया जिसमें निर्माण कार्यों के सैंपल फेल पाए गए थे। बैठक में अन्य पाषर्दों की कोहड़ापीर अतिक्रमण अभियान को लेकर भी तीखी बहस हुई। वहीं, जब महापौर ने बिना पूरी चर्चा के बजट पास करने की कोशिश की, तो सपा पार्षदों ने सदन में हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद मजबूरन महापौर को चर्चा दोबारा शुरू करानी पड़ी। बैठक में नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
आवारा कुत्तों पर खर्च हुए 36 लाख, फिर भी नहीं थमी संख्या
सदन में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी काफी गर्माया रहा। पार्षद अब्दुल क्यूम मुन्ना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक कुत्तों के बधियाकरण पर 36 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। उन्होंने सदन में मौजूद सभी पार्षदों से पूछा कि क्या कुत्तों की संख्या कम हुई है? इस पर सभी ने एक सुर में सहमति जताई कि कुत्तों का आतंक और संख्या तेजी से बढ़ रही है।
टैक्स विभाग की ''''कुर्सियों'''' पर जमे कर्मियों पर सवाल
पार्षद राजेश अग्रवाल ने भ्रष्टाचार की जड़ पर चोट करते हुए कहा कि टैक्स विभाग में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मी लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। इनकी मिलीभगत से विभाग में मनमानी चल रही है। उन्होंने मांग की कि पारदर्शिता लाने के लिए इन कर्मियों का पटल परिवर्तन किया जाए और उन्हें दूसरे विभागों में भेजा जाए, ताकि भ्रष्टाचार की चेन को तोड़ा जा सके।
मालियों से कराई जा रही पेंटिंग, पार्कों की सुध कौन लेगा
पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने पार्कों के रखरखाव की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन मालियों की जिम्मेदारी पार्कों को संवारने की है, उनसे दीवारों की पेंटिंग का काम लिया जा रहा है। यह संसाधनों का दुरुपयोग है। इसके साथ ही उन्होंने बोर्ड बैठक के एजेंडे की तकनीकी खामियों और प्रपत्र-बी को शामिल न किए जाने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया।
120 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें, 30 हजार नई लाइटों से रोशन होंगे वार्ड
शहर की बदहाल सड़कों को सुधारने और नए निर्माण के लिए सबसे अधिक 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सभी 80 वार्डों को रोशन करने के लिए 30 हजार नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद के लिए 20 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 15 करोड़ आवंटित किए गए हैं। हर घर तक शुद्ध पानी और सीवर लाइन पहुंचाने के लक्ष्य के साथ 10 करोड़ का शुरुआती फंड रखा गया है। इसके अलावा शहर के 330 पार्कों के कायाकल्प और ''''ग्रीन बरेली'''' अभियान के लिए 10 करोड़ की राशि तय की गई है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और नंदीशाला के संचालन जैसे कार्यों के लिए भी करोड़ों का अलग से प्रावधान है। पिछले 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य को बढ़ाते हुए इस बार 750 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
