Bareilly: ख्वाब वैज्ञानिक बनने के देखे, हालात ने होमगार्ड की लाइन में लगाया

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। होमगार्ड के जवान पुलिसिंग की ऐसी मजबूत कड़ी होते हैं, जो कानून व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक तक हर मोर्चे पर दरोगा-सिपाहियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ड्यूटी करते नजर आते हैं। सरकार इस समय राज्य में होमगार्ड के भर्ती की प्रक्रिया पूरी करा रही है। चौंका देने वाली बात है कि 10वीं पास योग्यता वाले होमगार्ड के 42 हजार पदों के लिए रिकार्ड 25 लाख से अधिक नौजवान लाइन में लगे हैं। तीन दिवसीय भर्ती परीक्षा का शनिवार को पहला दिन था, तो बरेली में इसके लिए युवा सैलाब उमड़ा। 

मंडल और उससे बाहर के सुदूर इलाकों से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों में 10-12वीं ही नहीं, बड़ी संख्या में ग्रेजुएट-पोस्टग्रेजुएट भी शामिल नजर आए। एमएससी करने के बाद प्रोफेसर और वैज्ञानिक बनने के ख्वाब देने वाले युवा भी लाइन में लगे दिखे। बेरोजगारी, महंगाई और परिवारों का बोझ..। टीम अमृत विचार ने सवाल किए तो युवा मन से दर्द में डूबे कई तरह के जवाब सुनने को मिले।

लखीमपुर खीरी से होमगार्ड परीक्षा देने बरेली कॉलेज सेंटर पहुंचे युवा अजमल अली ने बताया कि वनस्पति विज्ञान विषय में मास्टर डिग्री ले चुके हैं। सोचा था कि प्रवक्ता, वैज्ञानिक या इसी तरह की कोई अच्छी नौकरी मिल जाएगी मगर बहुत प्रयास के बाद भी कामयाबी नहीं मिली है। काफी समय से प्रयास कर रहे हैं और हर बार निराश होकर घर लौटते हैं। गुजारे को अभी कोचिंग क्लास में बच्चों को पढ़ा रहे हैं मगर स्थाई जॉब की तलाश है। होमगार्ड की भर्ती निकली तो उम्मीद के साथ फार्म भर दिया। अबर इसमें सलेक्शन हो जाता है तो जीवन में कुछ स्थायित्व आ जाएगा और ड्यूटी के साथ आगे भी अच्छे अवसर की तलाश में जुटा रहूंगा। 

ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुकीं पीलीभीत की रंजना ने कहा कि बनना तो टीचर चाहती हैं लेकिन परिवार के कहने पर होमगार्ड की परीक्षा दे रही हैं। इसमें चयन हुआ तो भी टीचर बनने का प्रयास जारी रखेंगी। सीतापुर ग्रेजुएट अब्दुल तालिब बोले कि गांव के आसपास नौकरी मिलना मुश्किल है। कहीं कोई काम मिलता भी है तो 5-6 हजार में गुजारा नहीं होता। उससे अच्छा है कि होमगार्ड बनकर परिवार को सही पाल सकेंगे। पीलीभीत की रितु देवी का कहना था कि बेरोजगारी बहुत है। टीचर बनना चाहती हैं मगर प्राइवेट स्कूल दो-चार हजार से ज्यादा मासिक पगार नहीं देते। होमगार्ड बनकर सेवा भी करेंगे और परिवार भी अच्छे से चला पाएंगे। उच्च शिक्षित दूसरे युवाओं ने भी अपने अरमान और सपनों के बारे में दिल खोलकर बात की। अधिकांश का यही कहना था कि बेरोजगारी बढ़ रही है और हर क्षेत्र में बेहद कठिन स्पर्धा देखने को मिल रही है। ऐसी में जहां मौका मिले, वही खड़े होकर आगे बढ़ने की योजना बना रखी है। होमगार्ड बने तो भी सपनों को हकीकत में बदलने के लिए प्रयास जारी रखेंगे। बता दें कि भीषण गर्मी के बाद भी होमगार्ड परीक्षा में अच्छी उपस्थिति देखने को मिली। गर्भवती महिलाएं भी परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचीं।

अर्बन नक्सलवाद से कारगिल तक...एक से बढ़कर एक सवाल
बरेली। होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों की खूब परीक्षा ली। कुछ प्रश्न सीधे-सरल थे, तो कुछ ने अभ्यर्थियों का सिर चकरा दिया। परीक्षा में पूछा गया कि कि 2024 का जी-20 शिखर सम्मेलन किस देश में आयोजित हुआ था? महिला स्वास्थ्य को लेकर सवाल आया कि प्रसव या गर्भपात के दौरान यदि किसी महिला की मृत्यु 42 दिन के अंदर हो जाती है तो उसे क्या कहा जाता है ? शहरी नक्सलवाद शब्द के अर्थ क्या है? मेहरानगढ़ किला कहां स्थित है? राजपूत शासक पृथ्वीराज चौहान के पिता का नाम क्या था ? हरियाणा का लोकनृत्य क्या है? योगेंद्र सिंह यादव को कौन सा सम्मान मिला ? रजनीकांत को पद्मश्री कब मिला? विज्ञान खंड में प्रश्न था… विटामिन बी1 dk रासायनिक नाम बताएं ? पौधे और मांस खाने वाले जानवरों को क्या बोलते हैं? धनतेरस किस भारतीय पर्व की शुरुआत का संकेत देता है..? सामान्य ज्ञान के रोचक प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थी खासे उत्साहित दिखे।

किसी ने कहा पेपर आसान, कोई प्रश्नों में चकराया
बरेली।अभ्यर्थियों ने परीक्षा में प्रश्नपत्र को आसान से मध्यम स्तर का बताया गया। सामान्य ज्ञान, भूगोल, सामान्य विज्ञान, रीजनिंग और करेंट अफेयर्स से जुड़े सवाल पूछे गए। कुछ प्रश्न आसान रहे तो कुछ ने अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। उम्मीदवारों का मानना है कि पेपर का स्तर ऐसा रहा कि इस बार मेरिट हाई जाने की संभावना है। परीक्षा में बेटियों की भागीदारी भी खूब रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ परीक्षा दी। केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पहली पाली समाप्त होने से पहले ही बरेली कॉलेज में दूसरी पाली के लोग कॉलेज के अंदर घुस गए। जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कॉलेज से बाहर निकाला। अभ्यर्थियों में किसी ने पेपर आसान बताया तो कोई सवालों में उलझा नजर आया।

पहले दिन 13 हजार से अधिक ने दी परीक्षा
बरेली। शहर में शनिवार को होमगार्ड भर्ती परीक्षा का आयोजन 19 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। परीक्षा दो पालियों में कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पहली पाली में कुल 8,736 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 6,570 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,166 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। इस पाली में उपस्थिति प्रतिशत 75.2 दर्ज किया गया। वहीं द्वितीय पाली में भी 8,736 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में 6,761 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 1,975 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उपस्थिति प्रतिशत 77.39 रहा। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। परीक्षा दो दिन और जारी रहेगी।

संबंधित समाचार