युवी पाजी की कड़ी ट्रेनिंग का असर, अभिषेक शर्मा ने दिया अपनी सफलता का श्रेय, साझा किए अनसुने किस्से
दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा ने युवराज सिंह को अपनी सोच को सही दिशा देने का श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि बचपन के अपने आदर्श के साथ ट्रेनिंग करने से उन्हें टॉप लेवल के हाई-प्रेशर क्रिकेट के लिए तैयार होने में मदद मिली। 25 साल के अभिषेक मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने आठ मैचों में 380 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वह टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं।
अभिषेक ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान युवराज के साथ करीब से काम करना उनके विकास का एक अहम मोड़ साबित हुआ। "युवी पाजी के साथ ट्रेनिंग करना मेरे लिए एक बहुत बड़ा पल था। मैं बचपन से ही उन्हें अपना आदर्श मानता था। वह मेरे हीरो थे।
उन्होंने शुरुआत में मुझे कुछ सलाह दी थी, लेकिन हमारे पास साथ बिताने के लिए ज़्यादा समय नहीं था। फिर लॉकडाउन लग गया। मुझे लगता है कि युवी पाजी ने इसे कुछ खिलाड़ियों के साथ करीब से काम करने के एक मौके के तौर पर देखा।"
अभिषेक ने जियोस्टार को बताया, "मैं खुशकिस्मत था कि मैं उन खिलाड़ियों में से एक था। जब हमारा कैंप शुरू हुआ, तो उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने सचमुच मेरा नज़रिया बदल दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि हम जिस तरह की ट्रेनिंग और सोच पर काम कर रहे हैं, वह सिर्फ़ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल के लिए नहीं है, और न ही सिर्फ़ भारत के लिए कुछ मैच खेलने के लिए है। उन्होंने कहा कि वह मुझे मानसिक तौर पर भारत के लिए बड़े मैच जीतने, यादगार पारियां खेलने और जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब गेंद से कमाल दिखाने के लिए तैयार कर रहे हैं।''
उन्होंने क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे उनके परिवार ने इस खेल में उनकी दिलचस्पी जगाने में अहम भूमिका निभाई। "शुरू से ही हमारे घर में क्रिकेट का माहौल था। मेरे पिता पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी खेलते थे और कोच भी थे। उन्हें देखकर ही मुझे इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिली। जब मैं टीवी पर भारत-पाकिस्तान के मैच या वर्ल्ड कप के मैच देखता था, तो मुझे बहुत जोश आता था। मैं सोचता था कि मुझे भी उसी लेवल पर खेलना है।''
अभिषेक ने आगे बताया कि उन्हें बहुत कम उम्र में ही अपनी काबिलियत का एहसास हो गया था, जिससे उन्हें क्रिकेट को गंभीरता से आगे बढ़ाने का हौसला मिला। "मैं काफ़ी छोटा था, जब मुझे पहली बार बैटिंग और बॉलिंग, दोनों में मज़ा आने लगा। फिर एक अंडर-12 टूर्नामेंट हुआ।" "मैंने वहाँ अच्छा प्रदर्शन किया, खूब रन बनाए और विकेट भी लिए। तभी मुझे एहसास हुआ कि मुझमें क्रिकेट को गंभीरता से लेने का टैलेंट है।"
अब एक जाने-माने आईपीएल खिलाड़ी बन चुके अभिषेक ने इस लीग को सीखने का एक बड़ा मंच बताया, जहाँ वे टॉप खिलाड़ियों के साथ और उनके खिलाफ खेलकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। "आईपीएल दुनिया भर के बेहतरीन क्रिकेटरों को एक साथ लाता है। यह नंबर एक टी20 लीग है। यहाँ खेलने का मौका मिलना किसी आशीर्वाद जैसा लगता है। मैं आईपीएल के हर सीजन को सीखने के एक अनुभव के तौर पर लेता हूँ। इन टॉप खिलाड़ियों के साथ और उनके खिलाफ खेलने से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
