Bareilly: पीएनजी लाइन कटने से तीन हजार घरों में छह घंटे नहीं जल सके चूल्हे

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। बिना अनुमति के मनमानी खुदाई शहर के लिए कितनी भारी पड़ सकती है, इसका नमूना शनिवार सुबह सीबीगंज में देखने को मिला। औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी कंपनी ने बिना किसी एनओसी और पूर्व सूचना के तेल पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया।

इस दौरान अंधाधुंध चल रही एचडीडी मशीन ने सीयूजीएल की हाई-प्रेशर पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की मुख्य पाइपलाइन को काट दिया। जिससे सुबह साढ़े आठ बजे जब घरों में लोग दफ्तर जाने की तैयारी में थे और रसोइयों में नाश्ता बन रहा था, तभी अचानक गैस गायब हो गई। इससे सीबीगंज, आनंद विहार, स्वाले नगर, ग्रीन सिटी, कर्मचारी नगर, सिद्धार्थ नगर, रजा कालोनी, कृष्णा काउंटी, वसंत विहार, परतापुर जीवन सहाये जैसे इलाकों के तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ा। 

सीयूलीएल प्रबंधन ने कहा कि सुबह फाल्ट की जानकारी मिलते ही इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। दोपहर ढाई बजे यानी करीब छह घंटे बाद गैस की आपूर्ति बहाल हो सकी, तब कहीं जाकर प्रभावित घरों की रसोइयों में दोबारा चूल्हे जल पाए। सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड अब संबंधित कंपनी के खिलाफ बिना अनुमति कार्य करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

न्यू शक्ति नगर कालोनी के जूही अग्रवाल ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे का समय रसोई के लिए सबसे कीमती होता है। बच्चे स्कूल के लिए तैयार थे कि अचानक गैस बंद हो गई। न चाय बन सकी, न परांठे। बिना बताए खुदाई करने वाली कंपनियों पर सख्त जुर्माना लगना चाहिए ताकि वे दोबारा ऐसी लापरवाही करने की हिम्मत न करें।

सिद्धार्थ त्रिवेनी देवी ने बताया कि नगर सुबह का नाश्ता तो जैसे-तैसे चल गया, लेकिन दोपहर के खाने की चिंता सताने लगी थी। ढाई बजे सप्लाई आई, तब कहीं जाकर दाल-चावल बन पाए। पाइपलाइन कटना आए दिन की बात हो गई है। खुदाई करने वालों को पता ही नहीं होता कि नीचे गैस की लाइन है या पानी की। यह बहुत ही खतरनाक लापरवाही है।

सिद्धार्थनगर की सुनैना ने बताया कि हम पूरी तरह पीएनजी पर निर्भर हैं, घर में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। सुबह पति ऑफिस जाने को तैयार थे, बिना नाश्ते के ही जाना पड़ा। सात घंटे तक गैस न आना किसी सजा से कम नहीं था। दोपहर का खाना भी देरी से बना। प्रशासन को चाहिए कि ऐसी खुदाई से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कराए।

सिद्धार्थनगर के चंद्र सेन गंगवार ने कहा कि सुबह-सुबह गैस सप्लाई बंद होने से पूरा रूटीन बिगड़ गया। जब मैंने सीयूजीएल को फोन किया तो पता चला कि खुदाई के दौरान लाइन कट गई है। यह जानकर हैरानी हुई कि बिना किसी सूचना के इतनी बड़ी मशीन चला दी गई। गनीमत रही कि आग नहीं लगी, वरना औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी त्रासदी हो सकती थी। 

कर्मचारी नगर के रहने वाले मुकेश सक्सेना ने बताया कि सरकार का कहना है कि जिनके पास पाइप लाइन वाली गैस है, उनको एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा, लेकिन जरूर यही है कि आपूर्ति का संकट न हो। यह जानकर हैरानी हुई कि बिना किसी सूचना के इतनी बड़ी मशीन चला दी गई। गनीमत रही कि आग नहीं लगी। सुरक्षा मानकों का मजाक बना दिया गया है।

बैंक कर्मी, रजा कालोनी अब्दुल अंसारी ने बताया कि दफ्तर के लिए निकलना था। बिना खाए ही ऑफिस जाना पड़ा। वहां भी दोपहर तक कैंटीन के भरोसे रहना पड़ा। समय की बर्बादी के साथ-साथ यह आर्थिक नुकसान भी है। बिना परमिशन हाई-प्रेशर पाइपलाइन के पास खुदाई करना बड़ी दुर्घटना को न्योता देना है। जिम्मेदार कंपनी पर कार्रवाई होनी ही चाहिए।

संबंधित समाचार