म्यांमार नौसेना के पोत पर सवार हुए एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से की चर्चा

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Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी म्यांमार नौसेना के युद्धपोत पर सवार हुए और पड़ोसी देश की अपनी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ वार्ता की। भारतीय नौसेना के अनुसार, एडमिरल त्रिपाठी ने म्यांमार की नौसैन्य प्रशिक्षण कमान का भी दौरा किया, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से कुछ सैन्य उपकरण सौंपे, जिनमें कंटेनरीकृत छोटे हथियारों का सिमुलेटर और 'रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट' शामिल हैं। 

नौसेना प्रमुख ने भारत और म्यांमार की नौसेनाओं के बीच अभियानगत स्तर पर सहयोग बढ़ाने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने के उद्देश्य से शनिवार को म्यांमार की अपनी चार दिवसीय यात्रा शुरू की। म्यांमार भारत के प्रमुख रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और यह उग्रवाद प्रभावित नगालैंड तथा मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। 

भारत की 'पड़ोसी प्रथम', 'एक्ट ईस्ट' और विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा तथा विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति नीतियों के तहत म्यांमार को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया पर कहा कि एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा की अपनी जारी यात्रा के तहत 2 मई को म्यांमार नौसेना के फ्रिगेट यूएमएस कयान सिट थार (एफ12) पर सवार हुए। जहाज पर उनका स्वागत नंबर 1 फ्लीट कमांडर कैप्टन क्यॉ थेट नाइंग ने औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया। 

एडमिरल त्रिपाठी ने यांगून स्थित नौसेना के मध्य कमान मुख्यालय का भी दौरा किया। नौसेना प्रमुख ने म्यांमार नौसेना की मध्य कमान के कमांडर रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और नौसेना प्रशिक्षण कमान के कमांडर रियर एडमिरल खुन आंग क्यॉ के साथ विचार-विमर्श किया। भारतीय नौसेना ने बताया कि दोनों देशों की नौसेना के बीच सहयोग को मजबूत करने, मौजूदा रक्षा साझेदारी को सुदृढ़ करने, अभियानगत गतिविधियों को बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा और एक स्थिर एवं सुरक्षित समुद्री वातावरण के लिए साझा लक्ष्यों को बढ़ावा देने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई।

नौसेना ने कहा, ''प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने और भविष्य में सहयोग के अवसरों से संबंधित पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें अंतर-संचालनीयता और प्रशिक्षण विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।'' इसने कहा कि एडमिरल त्रिपाठी ने भारत सरकार की सहायता से क्रियान्वित विभिन्न परियोजनाओं को म्यांमा नौसेना को औपचारिक रूप से सौंपा, जिनमें कंटेनरीकृत छोटे हथियार सिमुलेटर और 'रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट' शामिल हैं। ये परियोजनाएं बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई हैं।  

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