रोडवेज बसों में सुरक्षा के दावे बड़े, हकीकत फुस्स : कहीं खाली फर्स्ट एड बॉक्स, कहीं सुतली से बंधा दरवाजा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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जालौन। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम अपनी बसों में सुरक्षा और आरामदेह सफर के लाख वादे कर ले मगर हकीकत में भीषण गर्मी के बीच रोडवेज बसों में सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है। रोडवेज की सैकड़ों बसें आज भी टूटी खिड़की, दरवाजे और उखड़ी सीटों के साथ सड़कों पर दौड़ रही हैं। लू के थपेड़े खाते यात्रियों को अक्सर बसों की खस्ता हालत को लेकर कंडक्टर ड्राइवर से उलझते देखा जा सकता है। लंबी दूरी की बसों में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाने वाले फर्स्ट एड बॉक्स या तो खाली मिले, टूटे हुए मिले या फिर कई बसों में पूरी तरह गायब पाए गए। 

इतना ही नहीं, एक बस का खराब दरवाजा सुतली से बांधकर चलाया जा रहा था, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। औरैया-दिल्ली रूट पर संचालित बस संख्या यूपी 78 एचटी 8482 में फर्स्ट एड बॉक्स तो लगा था, लेकिन उसमें कोई दवा मौजूद नहीं थी। आपात स्थिति में यह बॉक्स यात्रियों के किसी काम का नहीं है। यात्रियों श्याम बाबू, लक्ष्मीकांत, अमर सिंह चंदेल, दिनेश प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगमोहन, मोहनलाल और कल्लू यादव ने बताया कि रोडवेज बसों का किराया निजी वाहनों की तुलना में अधिक है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। 

कानपुर-उरई-झांसी मार्ग पर चलने वाली बस संख्या यूपी 33 एटी 4378 में फर्स्ट एड बॉक्स टूटा हुआ मिला। वहीं उरई डिपो की बस संख्या यूपी 92 एटी 2868 में एक गेट का लॉक खराब होने पर उसे ठीक कराने के बजाय पतली रस्सी से बांध दिया गया था। यात्रियों का कहना है कि तेज झटका लगने पर यह गेट खुल सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। कानपुर-झांसी रूट की बस संख्या यूपी 35 टी 8679 में भी फर्स्ट एड बॉक्स खाली मिला। हालांकि परिचालक के पास अलग से दवाइयों का एक बॉक्स था, लेकिन उसने स्वीकार किया कि उसे दवाओं के उपयोग की जानकारी नहीं है। 

उरई-आगरा-दिल्ली रूट की बस संख्या यूपी 78 एचटी 7941 में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं मिला। चालक और परिचालक दोनों ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। वहीं कानपुर डिपो की बस संख्या यूपी 78 एचटी 9676 की सीट संख्या 37-38 पर लगा पैनिक बटन भी टूटा मिला। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग बसों की नियमित जांच कर सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त कराए। 

जानिए किया बोले एआरएम कमल किशोर आर्य

इस संबंध में एआरएम कमल किशोर आर्य ने कहा कि फर्स्ट एड बॉक्स समेत अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त रखना डिपो कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। मामले में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। लेकिन एआरएम से पूछा कि आपने कभी बसों का निरीक्षण किया कि नहीं, इस पर उन्होंने गोल-गोल जवाब देते हुए पूरा मामला संबंधित कर्मचारियों पर डाल दिया।  

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