मोदी-शाह पर राहुल गांधी का विवादित बयान : भाजपा ने किया पलटवार, तो बचाव में उतरीं महबूबा मुफ्ती, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। राहुल के इस बयान पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक, ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड और यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी पर निशाना साधा तो वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उनका बचाव किया। 

दरसअल राहुल गांधी रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए दोनों को गद्दार कहा और देश बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और संविधान की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है। 

राहुल के इस बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि इसमें राहुल गांधी की कोई गलती नहीं है। जिस परिवेश में आप पैदा हुए और जिस परिवेश में आप बड़े हुए, उसी भाषा में आप बोलेंगे। इसलिए राहुल गांधी का ऐसा बयान देना कोई बड़ी बात नहीं है। उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी जो प्रधानमंत्री पैदा हुए, उन्होंने जो कुछ किया उसे वे गद्दारी नहीं मानते बल्कि अपनी उपलब्धि मानते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को गद्दार कहने में उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। 

उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाया। उसके बाद पाकिस्तान को झेलम और चिनाब नदी का 80 प्रतिशत पानी दे दिया। 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय एयरफोर्स को चीन पर हमला करने का आदेश नहीं दिया। तिब्बत को मान्यता नहीं दी बल्कि चीन को मान्यता दे दी। 

फिर भी वे गद्दार नहीं माने जाते। इंदिरा गांधी ने संसद के रिकॉर्ड में पाकिस्तान को न्यूक्लियर डिटेल्स देने की बात कही। उन्होंने इमरजेंसी लगाई और ऑपरेशन ब्लू स्टार करवाकर सिखों की भावनाओं का अपमान किया। उनके बाद 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों में दस हजार से ज्यादा सिखों को मार दिया गया। फिर भी इसे उपलब्धि माना जाता है, गद्दारी नहीं।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने बोफोर्स घोटाला किया, प्रभाकरन को हथियार दिए, फिर उसी के खिलाफ ऑपरेशन कर दिया। जब प्रभाकरन ने उनकी हत्या कर दी तो कहा कि गद्दारी का बदला ले लिया। सोनिया गांधी सुपर प्रधानमंत्री बनीं। चीन के साथ कांग्रेस पार्टी का समझौता करवाया। यूपीए के शासनकाल में 2010 में 78 आतंकवादियों को रिहा किया गया, जिन्होंने बाद में बड़े हमले किए। फिर भी इसे गद्दारी नहीं माना जाता।

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की ओर से कभी पेगासस, कभी हिंडनबर्ग, कभी देश की संस्थाओं को विदेश में जाकर बदनाम करना जारी रहा। आज मैं देश की जनता और खासकर कांग्रेसियों से अपील करता हूं, इन लोगों को नेता मानना बंद कर दीजिए। ये देश के लिए नासूर हैं। इन्हें नेता मानकर आप देश की सेवा नहीं बल्कि देश की हानि कर रहे हैं।

ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि राहुल गांधी का स्वभाव ही ऐसा है। आज देश की जनता सब समझ रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के लिए क्या कर रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था सुधर रही है, देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व मंच पर भारत का गौरव लगातार बढ़ रहा है। 

राहुल गांधी जैसे लोग अगर कांग्रेस में रहेंगे तो देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। राहुल गांधी को यह समझ लेना चाहिए कि वे जो बोलते हैं, उस पर देश की जनता की क्या प्रतिक्रिया होती है। उनका चुप रहना ही बेहतर होगा। वहीं, यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राहुल गांधी को एक बार भारतीय संस्कृति का अध्ययन जरूर करना चाहिए। 

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, "2014 के बाद से हर इंसान को भाजपा गद्दार बताती है तब तो कोई शोर नहीं हुआ। यह वही भाषा है जिसे भाजपा ने देश में शुरू किया है। हर मुसलमान और हर सेक्युलर व्यक्ति को गद्दार कहना और उनसे पाकिस्तान चले जाने और अब तो ईरान चले जाने को भी कहा जा रहा है। अब राहुल गांधी ने अगर कोई बात कह दी तो इतना ज्यादा हंगामा क्यों मचा हुआ है? भाजपा ने देश में जो बीज बोया था वह अब फल दे रहा है।"

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