Bareilly News: 69 करोड़ खर्च...मगर 10 साल बाद सवाल भी सवाल पूछे बरेली, कब शुरू होगा 300 बेड अस्पताल
बरेली, अमृत विचार। सपा सरकार में 69 करोड़ की लगात से बनाया गया 300 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अब तक शुरू नहीं हो सका है। अस्पताल शुरू करने के लिए करोड़ों रुपये के उपकरण अस्पताल के कमरों में धूल फांक रहे हैं। सीएमओ का कहना है कि अस्पताल शुरू करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है लेकिन अभी डाक्टर और स्टाफ तैनात नहीं किए गए हैं।
2016 खर्च किए थे 69 करोड़
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए शासन ने तीन सौ बेड के लिए 69 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2016 में अस्पताल बनकर तैयार किया गया था लेकिन अभी तक आईपीडी शुरू नहीं हो सकी है। कुतुबखाना महादेव पुल निर्माण के समय जिला अस्पताल में मरीजों को आने जाने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद जिला अस्पताल के कुछ डॉक्टरों को तैनात कर 300 बेड अस्पताल में ओपीडी शुरू कराई गई थी। पुल निर्माण होने के बाद फिर से जिला अस्पताल में संचालन शुरू कर दिया गया। मौजूदा समय में 300 बेड अस्पताल में आंखों के डाक्टर ओपीडी कर रहे हैं। जबकि एआरबी के अलावा सीटी स्कैन 300 बेड अस्पताल में किए जा रहे है। बाकी पूरा अस्पताल सफेद हाथी बना खड़ा है।
आईपीडी के लिए खरीदे गए ये उपकरण
दिसंबर 2022 में तत्कालीन कमिश्नर संयुक्ता समद्दार ने इस अस्पताल में जनरल ओपीडी शुरू करने का आदेश देने के साथ यहां आईपीडी शुरू करने के लिए शासन को बजट का प्रस्ताव भेजा। शासन ने करीब 8.33 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग को भेजे। इस पैसे से डीप फ्रीजर, स्ट्रेचर, मरीजों के बेड, अलमारी, ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर, बाइपैप, आईसीयू बेड समेत तमाम उपकरणों की खरीद की गई। इन सभी उपकरणों को फिलहाल अस्पताल के स्टोर रूम में डंप कर दिया गया है। लेकिन आईपीडी कब शुरू होगी, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
इन पदों पर होनी है भर्ती
तीन फिजिशियन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, एक पैथोलॉजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ में दो लिपिक, 10 स्टाफ नर्स, छह फार्मासिस्ट, चार लैब टेक्नीशियन, दो एलए, दो एक्सरे टेक्नीशियन, एक डीआरए, 15 वार्ड ब्वाय, 10 वार्ड आया, 15 सुरक्षा गार्ड/चौकीदार, दो ईसीजी टेक्नीशियन। इसके अलावा दो वाहन चालक, दो रिकार्ड कीपर, दो प्लंबर, दो इलेक्ट्रिशियन, दो रिसेप्सनिस्ट, आठ लिफ्ट ऑपरेटर, दो जनरेटर ऑपरेटर की जरुरत है।
वर्जन
प्रस्ताव भेजा मगर शासन स्तर से अटका
सीएमओ डा. विश्राम सिंह ने बताया कि 300 बेड़ अस्पताल में आईपीडी शुरू होने के लिए उपकरण की खरीद हो गई है। आईपीडी शुरू होने के लिए प्रस्ताव भी भेज दिया गया है लेकिन अभी तक डाक्टर और स्टाफ नहीं मिले हैं। शासन स्तर से ही अस्पताल को शुरु करने का फैसला लिया जाएगा।
