नोएडा की सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसें, 10 डबल डेकर भी होंगी शामिल; शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव 

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Published By Anjali Singh
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्राधिकरण अब इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। इस संबंध में बुधवार को प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के संबंध में गुरुवार को विज्ञप्ति साझा करते हुए सीईओ ने जानकारी में बताया कि शहर में बस संचालन, टिकट व्यवस्था, मोबाइल ऐप लॉन्च, ड्राइवर-कंडक्टर भुगतान और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। 

योजना के तहत पहले फेज में करीब 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनमें 45 बसें नियमित रूप से सड़कों पर उतरेंगी, जबकि 5 बसों को स्टैंडबाय रखा जाएगा। खास बात यह है कि इनमें 10 डबल डेकर बसें भी शामिल होंगी, जो यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी। डबल डेकर बसों का संचालन बोटेनिकल गार्डन से परी चौक रूट पर किया जाएगा। इसके अलावा 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की बसें भी विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी। 

बस सेवा की शुरुआत मई के अंत तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों को हर 15 मिनट के अंतराल पर बस उपलब्ध होगी। इस सेवा से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब दो लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यात्रियों की सुविधा के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के जरिए लोग बसों में सीट बुक कर सकेंगे और ऑनलाइन टिकट भुगतान भी कर पाएंगे। 

इससे यात्रा प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान हो जाएगी। बसों के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) के साथ समन्वय किया जाएगा। संचालन, ड्राइवर और कंडक्टर की व्यवस्था यूपी रोडवेज संभालेगा, जबकि नोएडा प्राधिकरण आवश्यक वित्तीय और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इलेक्ट्रिक बसों के लिए सेक्टर-90 में अत्याधुनिक बस डिपो तैयार किया जाएगा। 

यहां ई-चार्जिंग पॉइंट, बस सर्विस स्टेशन, ड्राइवर-कंडक्टर वर्कशॉप, आराम कक्ष और ऑफिस स्टाफ के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी, इसलिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से इन बसों के लिए टिकट दरें तय की जाएंगी। शुरुआती योजना के अनुसार न्यूनतम किराया करीब 10 रुपये रखा जा सकता है, ताकि आम लोगों को किफायती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा प्राधिकरण इस परियोजना के लिए वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) भी उपलब्ध कराएगा, जिससे संचालन को आर्थिक सहयोग मिल सके।

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