यूपी मंत्रिमंडल को आदर्श बनाने की नसीहत, सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें मंत्री-अफसर
जनप्रतिनिधियों से मेट्रो, बस, ई-रिक्शा और साइकिल अपनाने की अपील मंत्रियों-अफसरों के विदेश दौरे पर रोक, हाइब्रिड बैठकों, डिजिटल कार्यसंस्कृति और ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर जोर
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश देते हुए सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंत्रियों से अपनी वाहन फ्लीट 50 प्रतिशत तक कम करने को भी कहा। योगी ने मंत्रिमंडल को आदर्श बनाने की नसीहत देते हुए विदेश दौरे पर छह माह तक रोक के साथ हाइब्रिड बैठकों, डिजिटल कार्यसंस्कृति और ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर जोर दिया। जनप्रतिनिधियों से भी मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, साइकिल व कारपूलिंग अपनाने की अपील की।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और ऊर्जा-संवेदनशील बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल की खपत को न्यूनतम रखने संबंधी आह्वान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। मंत्रीगण सप्ताह में एक निर्धारित दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आमजन भी इससे प्रेरणा लें। उन्होंने शासन एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिए कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विधानसभा एवं विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं।
उन्होंने घरों-दफ्तरों को सौर उर्जा से लैस करने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्वच्छ एवं ऊर्जा-कुशल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का औपचारिक परिचय कराया। नए मंत्रियों को वरिष्ठ एवं अनुभवी मंत्रियों से संवाद बनाए रखते हुए सीखने और प्रभावी कार्यशैली विकसित करने की सलाह दी।
सप्ताह में दो दिन हो ‘वर्क फ्रॉम होम’
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयरकंडीशनर एवं लिफ्ट के आवश्यकता-आधारित उपयोग के निर्देश देते हुए एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने व प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, रेल यात्रा और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के साथ 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने पर भी बल दिया।
घरेलू स्थलों पर आयोजित हों शादी व अन्य समारोह
मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी-विवाह एवं अन्य समारोहों के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक व्यय पर रोक और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले। कहा कि मंत्रीगण उपहार स्वरूप उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें, जिनका निर्माण प्रदेश में होता है।
आयातित वस्तुओं का करें न्यूनतम उपयोग
मुख्यमंत्री ने एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव तत्काल किए जाएं। उन्होंने कॉमर्शियल एलपीजी उपयोगकर्ताओं को भी पीएनजी से जोड़ने की आवश्यकता बताई। आयातित वस्तुओं के न्यूनतम उपयोग पर बल देते हुए तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने के साथ ही, सोने के अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करने व वर्षा जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की अपील की।
