यूपी में गोबर से बनी खाद पर सब्सिडी पर देगी सरकार, 7500 गो आश्रय स्थलों को बनाया जाएगा जैविक खाद उत्पादन केंद्र

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में किसानों को अब डीएपी और यूरिया के साथ जैविक खाद का भी सस्ता विकल्प मिलेगा। सरकार करीब 7500 गो आश्रय स्थलों पर गोबर से बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार कराएगी। इसे किसानों को सब्सिडी पर 50 किलो के पैकेट में उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार की योजना गोसंरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और रोजगार से जोड़ने की है। जैविक खाद की टेस्टिंग और खरीद कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और अधिकृत एजेंसियों के जरिए की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पहली बार प्रदेश में गोबर को आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद निर्माण, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गोबर और गोमूत्र आधारित मॉडल पर भी काम कर रही है। प्रदेश के लगभग 7500 गो आश्रय स्थलों में इस समय करीब 12.5 लाख गोवंश संरक्षित हैं।

सरकार इन गोशालाओं को जैविक खाद उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। गोसेवा आयोग के अनुसार मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक करीब सवा लाख पशुपालकों को 1.80 लाख से अधिक गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। सरकार गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन डीबीटी के जरिए सीधे पशुपालकों के खातों में भेज रही है।

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