रानी कपूर और प्रिया कपूर विवाद में न्यायालय सख्त,कोर्ट ने पक्षों को आपसी सहमति की दी सलाह 

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर से कहा कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो। उल्लेखनीय है कि रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर विवाद है। उच्चतम न्यायालय ने सात मई को भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पारिवारिक ट्रस्ट विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया था। 

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सभी पक्षों के हित में यही होगा कि इस पूरे विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाए, अन्यथा यह ''लंबी कानूनी लड़ाई'' बन जाएगी। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को होने वाली रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक को लेकर चिंता जताई थी। 

रानी कपूर की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की मूल कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है। पीठ ने गौर किया कि रानी कपूर बैठक के एजेंडे में शामिल उन चीजों को लेकर चिंतित थीं जो दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और कंपनी के बैंक खातों के संचालन के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में कुछ संशोधन से संबंधित हैं। प्रिया कपूर और रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड सहित प्रतिवादियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए और यह बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कुछ निर्देशों के तहत बुलाई गई है। पीठ ने कहा, ''फिलहाल हम इस मामले में और कुछ कहना नहीं चाहते। हमने पहले ही मध्यस्थ से मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। 

अभी के लिए हम पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसा कुछ न करें जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो।'' न्यायालय ने कहा कि फिलहाल 18 मई को होने वाली बैठक में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाए। पीठ ने कहा, ''हम यह देखना चाहते हैं कि मध्यस्थता प्रक्रिया में क्या प्रगति होती है। मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।'' 

न्यायालय ने यह भी कहा कि इस बीच आरबीआई और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों के निर्देशों तथा अनुपालन पर जोर नहीं दिया जाए। शीर्ष अदालत ने रानी कपूर की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी थी, जिसमें उन्होंने मध्यस्थता प्रक्रिया लंबित रहने तक प्रिया कपूर और अन्य लोगों को 'आरके फैमिली ट्रस्ट' के कामकाज में हस्तक्षेप करने से रोकने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। 

उच्चतम न्यायालय ने 27 अप्रैल को प्रिया कपूर और अन्य लोगों से उस मुकदमे पर जवाब मांगा था, जिसमें संजय कपूर की मां ने पारिवारिक ट्रस्ट को ''अमान्य'' घोषित करने की मांग की है। संपत्ति और परिसंपत्तियों के नियंत्रण से जुड़ी कानूनी कार्यवाही दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है और शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ट्रस्ट की सभी संपत्तियों के हस्तांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। संजय कपूर का 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। 

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