लखनऊ में ड्यूटी के बदले 2000 रुपये की वसूली, सिपाही के दावे पर हंगामा; एडीसीपी ने बिठाई जांच
-आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला व एसीपी लाइन शिप्रा पांडेय के नाम से सेव है। - ड्यूटी के नाम पर आरक्षियों से वसूले जाते हैं दो हजार रुपये प्रतिमाह पुलिस अधिकारी और आरआई पर वसूली का आरोप
लखनऊ, अमृत विचार : यूपी की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने एक पुलिस अधिकारी और आरआई पर वसूली का गंभीर आरोप लगाकर सनसनी मचा दी है। सिपाही सुनील का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो गया, जिसमें वह ड्यूटी लगाने के नाम पर आरक्षियों से हर महीने दो हजार रुपये की वसूली करने का आरोप लगाते सुने जा रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने एडीसीपी लाइन को जांच का आदेश दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार आगे की कार्रवाई की बात कही है।
बीस दिन की छुट्टी पर गए रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर आरआई और अफसरों पर वसूली के आरोप लगाए। वीडियो में सिपाही ने आरोप लगाया कि लखनऊ के साथ ही विभिन्न जनपदों में पुलिस लाइन में ड्यूटी के नाम पर हर जवान से दो हजार रुपये प्रति माह वसूले जा रहे हैं।
सुनील कुमार शुक्ला वर्ष 2015 बैच के सिपाही हैं। मूल रूप से अमेठी के गौरीगंज के रहने वाले हैं। वायरल वीडियो में सिपाही वर्दी पहने हुए हैं। सबसे पहले वह अपना नाम बताते हैं और कहते हैं कि, लाइन में तैनात आरआई गणना प्रभारी के जरिए वसूली का नेटवर्क चला रहे हैं। आरआई को आईपीएस द्वारा नियुक्त किया जाता है।
आरआई वसूली के लिए एक गणना प्रभारी को नियुक्त करता है। गणना प्रभारी अपनी सुविधा के अनुसार एक गार्द कमांडर की नियुक्ति करता है। गार्द कमांडर हर महीने प्रति सिपाही दो हजार रुपये वसूली करता है। ड्यूटी लगवाने के लिए सभी को दो हजार रुपये देने होते हैं। यह वसूली विभिन्न जनपदों की पुलिस लाइन में होती है। आरोप है कि गार्द कमांडर और आरआई अपना हिस्सा रख लेता है। सिपाही ने आईपीएस को काले अंग्रेज के नाम से संबंधोति करते हुए कहा कि वसूली का बाकी हिस्सा अफसरों को जाता है। सिपाही सुनील ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
सिर्फ एक गणना से आठ लाख रुपये की वसूली
सिपाही सुनील ने वीडियो में आरोप लगाया कि लखनऊ पुलिस लाइन में 110-120 गारद हैं। इसमें करीब 500 से 550 सिपाही और दीवान हैं। करीब 400 सिपाहियों को ड्यूटी मिलती है। 400 से दो हजार का गुणा करने पर आठ लाख की वसूली सिर्फ एक गणना से पुलिस लाइन में होती है। गारद में तैनात सिपाही, दीवान, दरोगा को वेतन के अलावा टीए, डीए भी मिलता है। पुलिस लाइंस के आरआई प्रथम ब्रजेंद्र सिंह ने बताया वसूली के सारे आरोप निराधार हैं। सिपाही सुनील की पत्नी भी आरक्षी हैं। वह रायबरेली में तैनात हैं। सिपाही की कुछ पारिवारिक दिक्कतें भी हैं। वह बुधवार से 20 दिन के अवकाश पर है। मकान बनवाने के नाम पर छुट्टी लेकर गए हैं। उसके बाद वीडियो वायरल हुआ है।
जांच के लिए गठित की गई कमेटी
एसीपी लाइन-शिप्रा पांडेय ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। एसओपी के अनुसार ही ड्यूटी लगाई गई है। गणना अधिकारियों में उच्चाधिकारियों द्वारा परिवर्तन किया जाता है। आरक्षी 20 दिन के अवकाश पर है। जांच एडीसीपी लाइन द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
