यूपी में खत्म हुई स्मार्ट प्री-पेड व्यवस्था, अब स्मार्ट मीटर ही होंगे पोस्टपेड : ए. के. शर्मा
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने गुरुवार को बताया कि अब प्रदेश में लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और आरडीएसएस योजना के तहत लगे स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों तथा केस्को कानपुर में यह नई व्यवस्था लागू होगी। मई-2026 की बिजली खपत का बिल जून-2026 में पोस्टपेड प्रणाली के तहत जारी किया जाएगा। स्मार्ट पोस्टपेड बिल हर माह की 10 तारीख तक जारी होंगे और उपभोक्ताओं को एसएमएस व व्हाट्सएप के माध्यम से बिल उपलब्ध कराया जाएगा।
ए.के शर्मा ने बताया कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या संचार संबंधी समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिल पाएगी, वहां एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय से बिल जारी किया जाएगा। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में अपडेट नहीं हैं, वे व्हाट्सएप चैटबॉट और 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी अपना बिजली बिल प्राप्त कर सकेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे। पूर्व मंा प्री-पेड व्यवस्था के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं कॉस्ट डाटा बुक-2026 के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का भुगतान समय मिलेगा और इसके बाद सात दिन की डिस्कनेक्शन अवधि रहेगी। निर्धारित समय पर भुगतान न होने पर विलंब अधिभार लगाया जाएगा।
बकाया बिल 10 किस्तों में
राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिजली बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी है। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ता 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान कर सकेंगे।
शिकायतों के लिए कैंप
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप और सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। साथ ही 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
व्हाट्सअप चैटबॉट से मिलेगा बिजली बिल, जारी हुए डिस्कॉमवार नंबर
उप्र. पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर आरएमएसमें अपडेट नहीं हैं अथवा तकनीकी कारणों से उन्हें बिजली बिल प्राप्त नहीं हो पा रहा है, वे अब व्हाट्सअप चैटबॉट के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकेंगे।
जारी नंबर —
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड : 91 8010968292
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड : 91 7669003409
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड : 91 7859804803
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड : 91 8010957826
कानपुर विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड : 91 8287835233
चेक मीटर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज
प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उप्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 5 प्रतिशत चेक मीटरों की मिलान रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई, जबकि पावर कॉरपोरेशन लगातार पुराने मीटरों को चेक मीटर के रूप में छोड़े जाने का दावा करता रहा है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटरों को लेकर कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं, लेकिन सबसे अहम सवाल चेक मीटरों की मिलान रिपोर्ट कहां है, का कभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ मामलों को दिखाकर पूरे प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं की शंकाएं दूर नहीं की जा सकतीं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता परिषद ने पहले ही मांग की थी कि पुराने मीटरों को चेक मीटर के रूप में बनाए रखा जाए ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रहे।
उपभोक्ता परिषद ने कहा- 5 प्रतिशत चेक मीटरों की मिलान रिपोर्ट अब तक नहीं हुई सार्वजनिक
भारत सरकार ने भी इसे आवश्यक माना था। इस बीच स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब की समय सीमा गुरुवार को समाप्त हो गई। जानकारी के अनुसार पावर कॉरपोरेशन अपना लिखित जवाब तैयार करने और प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने संबंधी आदेश पर मंथन में जुटा रहा।
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