यूपी के निर्माण कार्यों पर IIT की नजर, क्वालिटी की जांच कर इंजीनियरिंग एक्सपर्ट्स देंगे सरकार को रिपोर्ट

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Published By Anjali Singh
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-सड़क, पुल और जलापूर्ति परियोजनाओं का होगा थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट, विभागों को आदेश जारी 

लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में सड़क, पुल और जलापूर्ति जैसी बड़ी सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर अब आईआईटी जैसे देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों की नजर रहेगी। योगी सरकार ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (टीपीक्यूए) की नई व्यवस्था लागू कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए शासनादेश जारी किया है।

अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की ओर से गुरुवार को सभी सचिवालय, निदेशालय, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी से लेकर सभी विभागाध्यक्षों और विश्वविद्यालय प्रशासन को जारी शासनादेश में कहा है कि परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (टीपीक्यूए) की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। 

नई व्यवस्था के तहत आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, एमएनआईटी प्रयागराज, एएमयू अलीगढ़, एचबीटीयू कानपुर और एमएमएमयूटी गोरखपुर सहित कई संस्थानों को अलग-अलग श्रेणी की परियोजनाओं का ऑडिट सौंपा जाएगा। शासनादेश में सड़क, पुल और जलापूर्ति/सीवर परियोजनाओं के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं।

सरकार ने 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी आईआईटी जैसे राष्ट्रीय संस्थान करेंगे, जबकि मध्यम श्रेणी की परियोजनाओं में राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग संस्थानों को जिम्मेदारी दी जाएगी। शासनादेश के अनुसार संबंधित विभाग और तकनीकी संस्थान के बीच एमओयू होगा। 

ऑडिट एजेंसियां निर्माण सामग्री, डिजाइन, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण और कार्य प्रगति की जांच करेंगी। निर्माण के विभिन्न चरणों डिजाइन, 25 प्रतिशत, 50 प्रतिशत, 75 प्रतिशत प्रगति और कार्य पूर्ण होने पर निरीक्षण अनिवार्य रहेगा।

सरकार ने गुणवत्ता ऑडिट के लिए शुल्क भी तय किया है। परियोजना लागत के आधार पर 0.10 प्रतिशत से 0.35 प्रतिशत तक फीस दी जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट्स में यह राशि अधिकतम 1.30 करोड़ रुपये तक हो सकती है। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि ऑडिट एजेंसियां किसी प्रकार के हितों के टकराव से दूर रहेंगी और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष समीक्षा करेंगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर कराया जाए।

किन संस्थानों को मिली जिम्मेदारी

* आईआईटी कानपुर
* आईआईटी बीएचयू
* आईआईटी दिल्ली
* आईआईटी रुड़की
* एमएनआईटी प्रयागराज
* एएमयू अलीगढ़
* एचबीटीयू कानपुर
* एमएमएमयूटी गोरखपुर

क्या-क्या होगा ऑडिट में शामिल

* सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता
* जलापूर्ति और सीवर परियोजनाएं
* निर्माण सामग्री और डिजाइन जांच
* सुरक्षा मानकों का परीक्षण
* कार्य प्रगति की चरणवार समीक्षा
* फोटोग्राफ और साइट निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करना

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