Ivanka Trump : ट्रंप के घर का ब्लूप्रिंट लेकर घूम रहा था IRGC का आतंकी, बेटी इवांका को मारने की प्लानिंग का खुलासा

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Published By Anjali Singh
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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े एक आतंकवादी ने मारने की साजिश रची थी। गौरतलब है कि आईआरजीसी की आधिकारिक स्थापना मई 1979 में ईरानी क्रांति के बाद रुहोल्ला खोमैनी द्वारा एक सैन्य शाखा के रूप में की गई थी।

द न्यूयॉर्क पोस्ट ने खुफिया सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दावा है कि हत्या की यह साज़िश 2020 के उस अमेरिकी ड्रोन हमले को लेकर उपजे गुस्से से जुड़ी हुई है, जिसमें ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे। 

सुलेमानी ईरान के आईआरजीसी की बाहरी संचालन शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी थे। संदिग्ध की पहचान इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसके ईरान-समर्थित गुटों से संबंध थे, जिनमें आईआरजीसी और इराकी अर्धसैनिक नेटवर्क 'कताइब हिज़्बुल्लाह' से जुड़े समूह शामिल हैं। 

बताया जा रहा है कि उसे 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया, जहाँ अब उस पर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कथित हमलों या हमलों के प्रयासों से जुड़े आतंकवाद के कई आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों का आरोप है कि अल-सादी ने न केवल ऑनलाइन स्पष्ट धमकियाँ दीं, बल्कि उसने निगरानी-शैली की तैयारी भी की, जिसमें इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित आवास का नक्शा (ब्लूप्रिंट) अपने पास रखना भी शामिल था। 

द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल-सादी ने पहले ऑनलाइन चेतावनियाँ जारी की थीं कि वह अमेरिका के उच्च-प्रोफ़ाइल लक्ष्यों की निगरानी कर रहा है। जाँचकर्ताओं द्वारा उद्धृत ऑनलाइन पोस्ट में, उसने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि न तो कड़ी सुरक्षा वाले आवास और न ही गुप्त सेवा की सुरक्षा उसे जवाबी कार्रवाई से बचा पाएगी।

उस पर चरमपंथी गतिविधियों के एक व्यापक पैटर्न में शामिल होने का भी आरोप है, जिसमें एम्स्टर्डम, लंदन, टोरंटो और ब्रुसेल्स जैसे शहरों में यहूदी और अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले कथित हमले या हमलों के प्रयास शामिल हैं। 

साद दाऊद अल-सादी ने ऑनलाइन धमकियाँ पोस्ट करते हुए कहा था कि न तो तुम्हारे महल और न ही गुप्त सेवा तुम्हारी रक्षा कर पाएगी। रिपोर्ट में अल-सादी को इराक-ईरान के उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ा एक उच्च-रैंकिंग वाला व्यक्ति बताया गया है।

ट्रंप की बेटी और उनके पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस की पूर्व सलाहकार इवांका ट्रंप इस साज़िश का निशाना थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने रिपोर्ट में उल्लिखित विवरणों के अलावा, आरोपों का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया है। 

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