Independence Day : लाल किले से PM मोदी ने रचा नया रिकॉर्ड, लगातार 13वीं बार देश को किया संबोधित; ‘वंदे मातरम’ की गूंज

Amrit Vichar Network
On

तिरंगा फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। समारोह में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने और युवा शक्ति के साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर विशेष जोर रहा।

नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को सामने रखा। लगातार 13वीं बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के बीच नया रिकॉर्ड बनाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में सत्ता संभालने के बाद से लगातार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते आ रहे हैं। इस वर्ष के समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने को खास तौर पर रेखांकित किया गया। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य और इसमें देश के युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

तिरंगा फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी

लाल किले पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। समारोह के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए भारत की उपलब्धियों और आने वाले वर्षों के विजन पर अपनी बात रखी।

लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम’

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह की खास बात ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन रहा। लाल किले पर बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ राष्ट्रीय गीत गाया। एनसीसी कैडेट और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों ने भी ‘वंदे मातरम’ के गायन में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर इसके ऐतिहासिक महत्व को विशेष रूप से सामने रखा गया।

‘युवा शक्ति’ पर PM मोदी का खास फोकस

स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘युवा शक्ति’ को भी प्रमुखता दी गई। देश के विकास को गति देने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की ऊर्जा, उम्मीदों और योगदान को रेखांकित किया गया। कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक विरासत, युवा शक्ति और विकसित भारत 2047 के संकल्प पर केंद्रित रहा। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 13वें संबोधन ने इस समारोह को राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी खास बना दिया।

यह भी पढ़ें:-आजादी का महापर्व: तिरंगे की शान के लिए खड़ा रहा विवेक, देशप्रेम ने बदल दी मेहनत की कहानी

संबंधित समाचार