आगरा : रेलवे की जमीन पर बना डाले धर्मस्थल, आरटीआई से हुआ खुलासा

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आगरा, अमृत विचार। रेलवे की खाली पड़ी जमीनों पर कब्जे होना आम बात हो चुकी है। लेकिन आगरा में रेलवे की जमीन पर सर्वाधिक कब्जे हुए हैं। और इनमे सबसे ज़्यादा संख्या धर्मस्थलों की है। ये खुलासा एक आरटीआई में हुआ है। आगरा रेल मंडल में 145 अतिक्रमण हैं। जिनमें 21875 वर्ग मीटर भूमि पर …

आगरा, अमृत विचार। रेलवे की खाली पड़ी जमीनों पर कब्जे होना आम बात हो चुकी है। लेकिन आगरा में रेलवे की जमीन पर सर्वाधिक कब्जे हुए हैं। और इनमे सबसे ज़्यादा संख्या धर्मस्थलों की है। ये खुलासा एक आरटीआई में हुआ है।

आगरा रेल मंडल में 145 अतिक्रमण हैं। जिनमें 21875 वर्ग मीटर भूमि पर 98 धर्मस्थल और 47 निजी मकान व निर्माण खड़े हैं। धर्मस्थलों में 13233 वर्ग मीटर यानी 60 फीसदी रेलवे भूमि घिर गई है। यह खुलासा जन सूचना अधिकार के तहत हुआ है। अतिक्रमण के विरुद्ध नोटिस व वाद विचारधीन हैं।

भारतीय रेलवे की रीढ़ कहे जाने वाले उत्तर मध्य रेलवे का आगरा रेल मंडल तीन राज्यों के नौ जिलों में फैला है। 829 किमी. लंबी रेल लाइन हैं। रेल मंडल में 92 स्टेशन हैं। रेलवे भूमि से लेकर स्टेशन के प्लेटफॉर्म, आरओबी, एफओबी, यार्ड और रेलवे कॉलोनियों में अवैध धर्मस्थल बन गए हैं। इनमें कुछ 30 साल पुराने हैं, तो कुछ 2010 के बाद बने हैं।

आरटीआई के तहत रेलवे प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ईदगाह-बयाना व ईदगाह-बांदीकुई खंड में 30 जगह पक्के धर्मस्थल व मकान बन गए हैं। मथुरा सेक्शन में 35 और आगरा कैंट सेक्शन में 17 धार्मिक स्थल बने हुए हैं। राजामंडी से यमुना ब्रिज सेक्शन में 26 धर्मस्थल हैं। वहीं, आगरा कैंट से बिल्लोचपुरा सेक्शन में 16 जगह क्षेत्रीय लोगों ने कब्जे कर लिए हैं।

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