Noida International Airport: 7 करोड़ यात्रियों की भारी क्षमता, जबरदस्त कनेक्टिविटी और नया विकास रनवे, PM मोदी के नाम CM योगी का खास संदेश

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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नोएडाः उत्तर प्रदेश को नई उड़ान देने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) आज औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इसके पहले चरण का भव्य उद्घाटन करेंगे। स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा संचालित यह एयरपोर्ट दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत के बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

CM योगी का खास संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि “नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम शिखर को स्पर्श करने जा रही है। जेवर का यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का रनवे है। यहां से युवाओं के सपने उड़ान भरेंगे। इस युगांतरकारी परियोजना को धरातल पर लाने वाले किसान भाइयों को विशेष बधाई। 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत।”

भव्य क्षमता और आधुनिक सुविधाएं

एयरपोर्ट को शुरू में प्रति वर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। पूरी परियोजना पूरी होने पर यह क्षमता बढ़कर 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। 

- 3,900 मीटर लंबा रनवे, जो बड़े विमानों (Wide-body aircraft) को आसानी से हैंडल कर सकेगा।
- 24 घंटे संचालन के लिए हाईटेक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग।
- अंतरराष्ट्रीय कोड DXN आवंटित।

यह एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद दिल्ली-NCR का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय द्वार बनेगा। दोनों एयरपोर्ट मिलकर भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे।

पश्चिमी यूपी के लिए गेम चेंजर

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए यात्रा को आसान और तेज बनाएगा। मेट्रो, रेल और सड़क नेटवर्क से बेहतरीन कनेक्टिविटी के साथ ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को मजबूत किया जाएगा।

कब शुरू होंगी उड़ानें?

उद्घाटन के बाद 45 दिनों से 2 महीने के अंदर नियमित उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत घरेलू उड़ानों से होगी और 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। 

IndiGo, Akasa Air और Air India Express जैसी एयरलाइंस पहले चरण में प्रमुख भूमिका निभाएंगी। पहले 45 दिनों में करीब 10 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं।

विकास कैसे हो रहा है?

यह परियोजना यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (ज्यूरिख एयरपोर्ट की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी) द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है। पहले चरण में 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है।

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