साइबर शोधकर्ताओं का दावा, थाईलैंड में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं की जासूसी सॉफ्टवेयर के जरिए की गई निगरानी

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बैंकॉक। थाइलैंड में लोकतंत्र की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन या अन्य उपकरणों को जासूसी सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’ के जरिए निशाना बनाया गया था। साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी। साइबर सुरक्षा अनुसंधान समूहों ‘सिटीज़न लैब’ और ‘आईलॉ’ के जांचकर्ताओं ने बताया कि कम से कम 30 लोगों को …

बैंकॉक। थाइलैंड में लोकतंत्र की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन या अन्य उपकरणों को जासूसी सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’ के जरिए निशाना बनाया गया था। साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी। साइबर सुरक्षा अनुसंधान समूहों ‘सिटीज़न लैब’ और ‘आईलॉ’ के जांचकर्ताओं ने बताया कि कम से कम 30 लोगों को ‘पेगासस’ के जरिए निशाना बनाया गया।

यह जासूसी सॉफ्टवेयर इज़राइल की कम्पनी ‘एनएसओ ग्रुप’ का है। दोनों समूहों ने बताया कि जिन लोगों के उपकरणों को निशाना बनाया गया, उन्होंने 2020 से 2021 के बीच लोकतंत्र समर्थक विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था या थाईलैंड साम्राज्य की खुलकर आलोचना की थी।

समूहों ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं का मुकदमा लड़ रहे वकीलों की भी डिजिटल निगरानी की गई। ‘पेगासस स्पाईवेयर’ से किसी को निशाना बनाने के लिए लक्षित उपकरण के पास होने की जरूरत नहीं होती, इसे दूर से ही किसी फोन पर इंस्टॉल किया जा सकता है।

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