पीलीभीत: अघोषित बिजली कटौती पर फूटा आक्रोश तो जाल में बंद हुए अफसर-कर्मचारी

पीलीभीत: अघोषित बिजली कटौती पर फूटा आक्रोश तो जाल में बंद हुए अफसर-कर्मचारी

पीलीभीत, अमृत विचार। सूबे की योगी सरकार भले ही जनपद मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही हो। जनप्रतिनिधियों की ओर से बिजलीं सुधार के ढोल पीटे जा रहे हो, मगर पीलीभीत वासियों के सामने अघोषित कटौती की मार बरकरार है। दिन भर की कटौती के बाद मंगलवार रात को भी जब …

पीलीभीत, अमृत विचार। सूबे की योगी सरकार भले ही जनपद मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही हो। जनप्रतिनिधियों की ओर से बिजलीं सुधार के ढोल पीटे जा रहे हो, मगर पीलीभीत वासियों के सामने अघोषित कटौती की मार बरकरार है। दिन भर की कटौती के बाद मंगलवार रात को भी जब सप्लाई चालू न हुई तो उपभोक्ताओ का आक्रोश फूट पड़ा।

चंदोई, भूरे खां, अशरफ खा समेत कई इलाकों के उपभोक्ताओ की भीड़ जमा हुई और पावर कारपोरेशन के नकटादाना सब स्टेशन पर हल्ला बोल दिया। बिजलीं सप्लाई को लेकर सवाल जबाव किये तो नोकझोक हो गयी। इसके बाद भीड़ का गुस्सा उस वक़्त और बढ़ गया जब संतोषजनक जबाव नहीं मिला। पहले कर्मचारियों ने लोड अधिक होने की बात कही और फिर सुबह सप्लाई होने को कहने लगे।

आरोप हैं कि शिकायत दर्ज कराने पहुंचे उपभोक्ताओ को बिजलीं चोर तक कह दिया। जिसके बाद हंगामा और बढ़ गया। जेई जहांगीर आलम का कहना है कि भीड़ उग्र होकर तोड़फोड़ और स्टाफ से अभद्रता करने लगी। जिसके बाद स्टाफ ने जाल में बंद होकर जान बचाई। दोनों पक्षो ने कोतवाली में एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाल हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि बिजली कटौती को लेकर नाराजगी जताने भीड़ गयी थी। प्राप्त तहरीर पर जांच की जा रही है।

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