America में हुए Midterm elections से किस तरह प्रभावित होगी हथियार नीति

America में हुए Midterm elections से किस तरह प्रभावित होगी हथियार नीति

बाल्टीमोर। मेरिका में इस साल ऐसे समय में मध्यावधि चुनाव हुए हैं, जब देश में बंदूक से हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं और गोलीबारी के कई हाई-प्रोफाइल मामले सामने आए हैं। हालांकि मतदान के बाद हुए सर्वेक्षण में संकेत मिला था कि मतदाताओं के लिए गर्भपात के अधिकार और मुद्रास्फीति शीर्ष मुद्दे रहे, लेकिन बंदूक के इस्तेमाल का मामला भी उनके जेहन में रहा। 

दरअसल, ‘एडिसन रिसर्च’ के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 10 में से एक मतदाता ने ‘‘बंदूक नीति’’ को अपनी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बताया। बहुत से मतदाताओं के लिए बंदूक का इस्तेमाल एक मुद्दा था, यह बहुत अधिक आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए। 2020 में, बंदूक से रिकॉर्ड संख्या में मौतें हुईं, और 2021 के आंकड़ों में निरंतर वृद्धि दिखाई दी। साल 2020 में बंदूक हिंसा में विषमता बढ़ती गई। 

काले युवकों से संबंधित ऐसे मामलों की दर गोरे युवकों की तुलना में 20 गुना अधिक रही। टेक्सास के युवाल्ड, न्यूयॉर्क के बफेलो और इलिनॉइस के हाईलैंड पार्क में हुईं सामूहिक गोलीबारी की दुखद घटनाओं के बाद से मध्यावधि चुनाव के रूप में पहले राष्ट्रीय चुनाव हुए। मध्यावधि चुनाव ने मतदाताओं को बंदूक नीति को दो तरह से प्रभावित करने का अवसर प्रदान किया। एक, इसने मतदाताओं को स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय अधिकारियों को चुनने का मौका दिया, जिनके पास बंदूक से हिंसा की रोकथाम संबंधी रणनीतियों पर विचार करने और लागू करने का अधिकार होगा। 

और दूसरा, दो राज्यों - आयोवा और ऑरेगॉन में - निवासियों ने बंदूक अधिकारों और बंदूक हिंसा से संबंधित पहलों को देखते हुए मतदान किया। आयोवा ने एक संविधान संशोधन पारित किया जिसमें हथियार रखने का अधिकार निहित था और बंदूक कानूनों की न्यायिक समीक्षा के लिए एक मानक निर्दिष्ट किया गया था। जबकि ओरेगॉन के मतदाताओं ने एक पहल शुरू की, जिसमें आग्नेयास्त्र खरीदने के लिए परमिट की आवश्यकता है और बड़ी क्षमता वाली गोला-बारूद मैगजीन पर प्रतिबंध है। 

आयोवा के लगभग दो-तिहाई निवासियों ने राज्य के संविधान में हथियार रखने का अधिकार जोड़ने के लिए मतदान किया। इसके साथ ही आयोवा उन 44 राज्यों में शामिल हो गया, जहां ऐसे प्रावधान हैं। आयोवा का संशोधन सबसे अलग है, जिसमें बंदूक प्रतिबंध के मूल्यांकन के लिए एक सख्त जांच मानक निर्धारित करने का प्रावधान है। इस संशोधन में कहा गया है कि यदि बंदूक संबंधी कानून सरकार के हितों को आगे बढ़ाने वाला साबित होता है, तो एक अदालत इसे बरकरार रखने या न रखने पर फैसला ले सकती है।

 शोधकर्ता इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि ये प्रावधान बंदूक हिंसा को कैसे प्रभावित करेगा, लेकिन यह संशोधन आयोवा में बंदूक के इस्तेमाल को खत्म करने की दिशा में एक समग्र प्रवृत्ति का हिस्सा है। राज्य में बिना लाइसेंस की हैंडगन छिपाकर ले जाने की अनुमति दे दी गई है। साथ ही काफी पुराने कानून को खत्म कर दिया है, जिसके तहत हैंडगन खरीदने के लिए अनुमति की जरूरत होती थी। 

शोध में पाया गया है कि ये दोनों परिवर्तन बंदूक हिंसा में वृद्धि से जुड़े हैं। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में बंदूक के इस्तेमाल से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिनसे हथियार नीति के प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना होगा कि इन मध्यावधि चुनाव का हथियार नीति पर क्या असर पड़ता है। 

ये भी पढ़ें:- नेपाल में चुनाव से पहले फर्जी मतपत्रों के साथ एक भारतीय नागरिक गिरफ्तार

Post Comment

Comment List