असम: लखीमपुर में 500 हेक्टेयर वन भूमि को खाली कराने के लिए चलेगा अभियान: अधिकारी

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लखीमपुर। असम के लखीमपुर जिले में 500 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि को खाली कराने के लिए प्रशासन मंगलवार को अभियान चलाएगा। इस अभियान से करीब 100 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने अभियान के लिए रविवार को ‘मॉक ड्रिल’ की। पावा आरक्षित वन की 2,560.25 हेक्टेयर में से केवल 29 हेक्टेयर जमीन ही इस समय किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त है।

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अधिकारियों ने कहा कि पहले चरण के तहत 10 जनवरी की कवायद में आधासोना और मोहाघुली गांवों में 500 हेक्टेयर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। मई 2021 में सत्ता संभालने के बाद से हिमंत बिश्व शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में अलग-अलग जगहों पर बेदखली अभियान चला रही है। पिछले महीने इस तरह के दो अभियान चलाए गए थे।

नगांव के बटाद्रवा में 19 दिसंबर अभियान में 5,000 से अधिक कथित अतिक्रमणकारियों को हटा दिया गया था। सितंबर, 2021 में दरांग जिले के ढालपुर क्षेत्र में भी बेदखली अभियान चलाया गया, जिसके कारण हिंसा हुई। घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए।

लखीमपुर के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) अशोक कुमार देव चौधरी ने कहा कि पहले चरण में 10 जनवरी को आधासोना और मोहाघुली गांवों में पावा आरक्षित वन क्षेत्र को खाली करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में पावा आरक्षित वन भूमि पर 701 परिवारों ने कब्जा कर लिया है। अवैध रूप से बसने वालों में राज्य के विभिन्न हिस्सों के लोग और साथ ही बाढ़ और कटाव के कारण विस्थापित हुए स्थानीय लोग शामिल हैं।

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