Kanpur News : खतरनाक चौराहों पर साइन बोर्ड करेंगे सचेत, विजय नगर, फजलगंज सहित इन जगहों पर लगने जा रहे

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर के कई खतरनाक चौराहों पर साइन बोर्ड लगने जा रहे।

कानपुर के फजलगंज, विजय नगर सहित कई खतरनाक चौराहों पर साइन बोर्ड लोगों को सचेत करेंगे। दुर्घटनाओं को देखते हुए फैसला लिया गया। पीडब्ल्यूडी ने शासन को प्रस्ताव भेजा।

कानपुर, अमृत विचार। सावधान, यह चौराहा जहां सर्वाधिक हादसे होते हैं ( खतरनाक चौराहे ) है। कृपया वाहन की रफ्तार 25 किमी प्रति घंटा रखिये। यहां रुक जाइये, कृपया पैदल राहगीर जेब्रा क्रासिंग पर चलें। वाहन जेब्रा क्रासिंग पर न रोकें।

चेतावनी देते ये सांकेतिक बोर्ड शहर के खतरनाक चौराहों पर लगेंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने चिह्नित किए गए चौराहों को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है। करीब 39 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के सांकेतिक बोर्डों का जिक्र किया गया है।

पीडब्ल्यूडी ने पिछले दिनों शहर के खतरनाक चौराहों को लेकर सर्वे किया था। जिसमें शहर और बाहर के करीब दस चौराहे चिह्नित किए गए थे। इन चौराहों में दादानगर चौराहा, ढाल रोड, फजलगंज चौराहा, विजय नगर चौराहा, बीओबी चौराहा, शनिदेव मंदिर, फजलगंज जूट मिल चौराहा, फजलगंज द्वितीय, राहा गांव कृष्ण ढाबा के पास आदि शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन चौराहों पर दुर्घटनाओं के आंकड़े ज्यादा पाए गए और व्यस्त ट्रैफिक के साथ- साथ पैदल चलने वाले लोगों की संख्या भी काफी ज्यादा होना भी इसकी वजह माना गया। इसलिए चौराहों पर सांकेतिक बोर्ड के माध्यम से वाहन और पैदल राहगीरों को आगाह करने की योजना बनाई है। विभाग की ओर से पुनरावृत्ति, सावधानी सांकेतिक बोर्ड, स्पीड लिमिट, स्टॉप, कैंटीलीवर, एपीजेड साइन बोर्ड और हैजार्ड बोर्ड लगाने का प्रस्ताव बनाया गया है।

इसलिए होती हैं दुर्घटनाएं

अधीक्षण अभियंता कन्हैया झा ने बताया ज्यादातर दुर्घटनाएं हाई पिकअप की बाइक और कारों की वजह से होती हैं। सर्वे के दौरान अक्सर देखा जाता है कि आबादी के मुकाबले सड़कों की चौड़ाई कम हो गई है और कई बार वाहन चालक पिकअप के अनुसार उतना प्रशिक्षित नहीं होता है और यातायात नियमों के प्रति अनुशासनहीनता दुर्घटना की वजह बन जाती है।

दुर्घटना के लिहाज से शहर व घाटमपुर में करीब दस चौराहे चिह्नित किए गए हैं। यहां सांकेतिक बोर्ड लगाने की योजना है। 39 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।- श्रीराज, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी

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