क्रिप्टो मुद्राओं के नियमन पर G-20 में नीतिगत सहमति बनाने की कोशिशः सचिव

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नई दिल्ली। आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि क्रिप्टो करेंसी बाजार में जारी उथलपुथल के बीच वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) के साथ मिलकर भारत कोशिश कर रहा है कि जी20 अध्यक्षता के दौरान आभासी मुद्राओं के नियमन पर नीतिगत सहमति बनाई जा सके।

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भारत इस समय दुनिया के 20 विकसित एवं विकासशील देशों के समूह जी20 का अध्यक्ष है। इस दौरान वह विभिन्न मुद्दों पर बैठकों का आयोजन कर रहा है। सेठ ने पीटीआई-भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा कि क्रिप्टो मुद्राओं पर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की तरफ से जारी एक पत्र पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ने 15-16 जनवरी को दिल्ली में चर्चा की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने डेढ़ दिन की एक कार्यशाला इस मुद्दे पर की थी।

उसके बाद से एक संगोष्ठी के लिए चर्चा-पत्र तैयार किया जा रहा है। यह संगोष्ठी जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर की बैठक के साथ ही 23 फरवरी को बेंगलुरु में होगी।’’ आर्थिक मामलों के सचिव ने उम्मीद जताई कि इस संगोष्ठी में क्रिप्टो करेंसी पर एक नीतिगत सहमति बन जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘इस मसले पर भारत एफएसबी के साथ भी मिलकर काम कर रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि जी20 की अध्यक्षता भारत के पास रहने के दौरान सदस्य देशों के बीच क्रिप्टो मुद्राओं पर नीतिगत रुख और नियमन के खाके पर सहमति बन जाए।’’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई बार कह चुकी हैं कि भारत क्रिप्टो मुद्राओं के नकारात्मक असर से निपटने और इसके वैश्विक नियमन के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर देगा।

क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स के धराशायी होने और उसके बाद क्रिप्टो बाजारों में बिकवाली तेज होने से क्रिप्टो पारिस्थितिकी को लेकर आशंकाएं गहराने लगी हैं। इस दौरान अमेरिकी नियामकों ने बिटकॉइन, ईथर और अन्य क्रिप्टो मुद्राओं को प्रतिभूति के तौर पर अयोग्य ठहरा दिया है।

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