मुकद्दस रमजान में दुनियाभर के कई मुल्कों में बरेली मरकज से भेजे जा रहे हाफिज
बरेली, अमृत विचार। माह-ए-रमज़ान के साथ मस्जिदों में 22 या 23 मार्च से तरावीह की विशेष नमाज शुरू हो जाएगी। मुस्लिम इलाकों में रमज़ान के इस्तकबाल की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। रमज़ान में तरावीह नमाज़ का विशेष महत्व है। तरावीह की नमाज़ में हाफिज़ जुबानी पूरा कुरान सुनाते है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि बरेली मरकज़ से सम्बंधित मदरसों से फारिग हाफिज़ों के तलफ़्फ़ुज़ (उच्चारण) पूरे विश्व मे सबसे बेहतर और सही माना जाता है। पिछले कई सालों से कोरोना की वजह से हाफिज़ विदेशों में क़ुरान सुनाने नही जा पाए थे। लेकिन इस साल बरेली मरकज़ से बड़ी तादात में हाफिज़ एशिया, यूरोप,अफ्रीका के मुल्कों में पहुंच चुके है वही देश के विभिन्न प्रदेशों में रवाना हो रहे हैं। दुनियाभर के मुरीद और अक़ीदतमंद दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी(अहसन मियां) से एक महीने से सम्पर्क कर हाफिज़ों की मांग कर रहे थे।
दरगाह के वरिष्ठ मुफ़्ती सलीम नूरी ने बरेली मरकज़ के मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम से लगभग दो सौ हाफिज़ों को दुनियाभर में भेजने की व्यवस्था की है। मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के सदर मुफ़्ती आकिल रज़वी व मुफ़्ती सलीम नूरी बरेलवी ने तरावीह की फज़ीलत बयान करते हुए कहा कि तरावीह की नमाज़ मर्द और औरत सबके लिए सुन्नते मुअक्कदा है। इसका छोड़ना जायज़ नहीं। तरावीह नमाज़ के दौरान एक बार मुकम्मल कुरान करना सुन्नत, दो बार अफ़ज़ल और तीन बार मुक्कमल करना फज़ीलत माना गया है। फ़िक़्ह हनफ़ी के मुताबिक औरतों का जमात से नमाज़ पढ़ना जायज़ नही। वह घर में ही तन्हा-तन्हा तरावीह की नमाज़ पढ़ेगीं।
नासिर कुरैशी ने बताया कि पूर्व शहर इमाम के बेटे हाफिज़-ओ-कारी अरशद हाशमी जो मदरसा जामिया नूरिया से फारिग हैं नीदरलैंड (यूरोप) पहुंच चुके हैं। इसके अलावा मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के फारिग मौलाना कमर रज़ा इंग्लैंड, मौलाना अहमद रज़ा अफ्रीका, मुफ़्ती जावेद मंज़री दुबई, मौलाना अजमल मंज़री कतर, मुफ़्ती अनवर रज़ा मंज़री नेपाल, मुफ़्ती रियाज़ुल हसन मंज़री, मौलाना मुजीब आलम, कारी अलीम मंज़री, मौलाना नदीम मंज़री, मुफ़्ती ज़ीशान मंज़री,मुफ़्ती अब्दुल कादिर मंज़री, मुफ़्ती गुलाम रब्बानी मंज़री, मुफ़्ती कासिम रज़वी मॉरीशस रवाना हो गए है।
शहर इमाम मुफ़्ती ख़ुर्शीद आलम गाज़ियाबाद और नायाब शहर इमाम हाफिज अहमद रज़ा आंध्रप्रदेश, मौलाना फैज़ुल आरफीन, मौलाना तहसीन रज़ा, मौलाना वारिस रज़ा,गुजरात मौलाना उवैस मंज़री,मौलाना शाकिर,मुफ़्ती नसीम मंज़री,मौलाना आसिम मंज़री कर्नाटक,मुफ़्ती हाशिम मरकज़ी (जमियातुर रज़ा), मुफ़्ती अब्दुल लतीफ मंज़री,मुफ़्ती सिराजुद्दीन, मुफ़्ती नईम मंज़री, मुफ़्ती शारिक मंज़री महाराष्ट्र, मुफ़्ती मोनिस रज़ा मंज़री, मौलाना शकील मंज़री, मौलाना रेहान रज़ा मंज़री मध्य प्रदेश,मुफ़्ती अफ़रोज़ मंज़री, मुफ़्ती तारिक रज़ा हिमाचल प्रदेश, मौलाना अमन मंज़री, मौलाना जब्बाद मंज़री, मौलाना जावेद आलम रजिस्थान, मुफ़्ती शमीम मंज़री, मौलाना साजिद मंज़री, मौलाना साहिबे आलम दिल्ली के अलावा गोवा, पंजाब, कश्मीर, हरियाणा आदि प्रदेशों में भी हाफिज़ रवाना हो रहे हैं।
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