साहित्यकार माधव कौशिक बने साहित्य अकादमी के अध्यक्ष
भिवानी। साहित्यकार माधव कौशिक को साहित्य अकादमी का अध्यक्ष चुना गया है। हालांकि वे 23 वर्षों से चंडीगढ़ में रह रहे हैं। भिवानी में एक शिक्षक के रूप में जीवन शुरू करके आज माधव कौशिक देश की सबसे बड़ी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष पद पर पहुंचे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व और गौरव की बात है। उनकी अब तक चालीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।
बिचला बाजार की मस्तान गली के रहने वाले साहित्यकार माधव कौशिक ने स्नातक की पढ़ाई वैश्य कॉलेज भिवानी और बीएड भी भिवानी से की है। इसके बाद एमए हिंदी व अनुवाद में डिप्लोमा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से किया। उन्होंने वर्ष 1976 से 1980 तक भिवानी में शिक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वे चंडीगढ़ एजी ऑफिस पंजाब में राजभाषा मंडल में चले गए। वे अंकुर पत्रिका के संपादन और फिर डेपुटेशन पर ऑडिट विभाग में और वहां सुगंधा पत्रिका का संपादन किया।
वर्ष 2000 में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी से जुड़े और पहले सचिव व फिर अध्यक्ष बनें। साहित्य अकादमी में 2008 से 2012 तक हिंदी परामर्श मंडल के सदस्य बने। फिर 2018 से 2022 तक उपाध्यक्ष और अब 11 मार्च से अध्यक्ष पद पर चुना गया। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के भी सदस्य है। उन्हें हरियाणा का आजीवन साहित्य साधना पुरस्कार, पंजाब का साहित्य शिरोमणि और केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। माधव कौशिक ने बताया कि हरियाणा की साहित्यिक पृष्ठभूमि बहुत समृद्ध और शानदार है। हरियाणा में साहित्य अकादमी साहित्यिक गतिविधियों को पूर्ण सहयोग देगी।
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