फेक कॉल से हो जाएं सावधान, अश्लील वीडियो से खाली हो जाएगा आपका अकाउंट, ठगों ने निकाला यह अनोखा तरीका, जानें…
अलग-अलग क्षेत्र के साइबर ठगों का है ठगी का अपना अनोखा तरीका।
अलग-अलग क्षेत्र के साइबर ठगों का है ठगी का अपना अनोखा तरीका। वीडियो काल कर अश्लील वीडियो बनाने वाले अधिकांश ठग राजस्थान के है। झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल का गैंग ग्रामीणों के आधार से पैसा पार कर रहा।
कानपुर, अमृत विचार। अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले मास्टरमाइंड साइबर ठगों का अपना अलग-अलग क्षेत्र है। निवेशकों व पेंशनर्स को निशाना बनाने वाले साइबर ठगों को अधिकांश गिरोह दक्षिण भारत व महाराष्ट्र की ओर सक्रिय है। तो दूसरी तरफ अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाला गिरोह राजस्थान की ओर का है। इसके अलावा केवाइसी अपडेट व आधार के माध्यम से खाते में जमा रकम निकालने वाले ठग झारखंड, बिहार व पश्चिम बंगाल क्षेत्र से वारदातों को अंजाम दे रहे है।
देश के हर कोने में मौजूद साइबर ठगों का अपराध को अंजाम देने का अपना एक अलग तरीका है। अलग-अलग क्षेत्र में मौजूद साइबर ठगों का लोगों को शिकार बनाने का अपना एक अलग वर्ग हैं। हर क्षेत्र का ठग अपने शातिराना अंदाज से लोगों को निशाना बना रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने व पेंशनर्स को दस्तावेज अपडेट कराने के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाले अधिकांश गिरोह दक्षिण भारत व महाराष्ट्र से आपरेट किए जाते है।
बताया कि निवेश के नाम पर ठगी के शिकार लोगों के खाते से निकाली गई अधिकांश रकम दक्षिण भारत व महाराष्ट्र के खातों में पाई गई। जांच में लगी टीम के मुताबिक ठग इतने शातिर होते है कि ठगी के माध्यम से खातों में आई रकम को या तो तुरंत निकाल लेते है या फिर दूसरे खातों में ट्रांर्सफर कर देते है। इसके साथ केवाईसी अपडेट कराने, आधार कार्ड से एईपीएस (आधार सक्षम भुगतान प्रणाली) के माध्यम से पैसा निकालने वाले लोगों को शिकार बनाने वाला साइबर ठगों का गिरोह झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार की ओर सक्रिय रहता है।
इसके अतिरिक्त सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, रिहायशी मकानों में टावर लगाने व अन्य जन सुविधाओं के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व उत्तर प्रदेश में सक्रिय है।अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले साइबर ठगों को गिरोह राजस्थान प्रदेश की ओर सक्रिय रहता है।
कुछ इस तरह बनाते शिकार
अश्लील वीडियो बना कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले बहुत शातिर होते है। इनके गैंग में महिलाएं भी सक्रिय रहती हैं। महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती करने के बाद मैसेंजर में कुछ देर बात करती हैं। इसके बाद युवक को वीडियों कॉल पर बात करने का आफर देती हैं। वीडियो काल करने के बाद महिलाएं अश्लील हरकतों पर उतारु हो जाती है और युवकों को भी उकसाने का प्रयास करती हैं। बहकावे में आकर कई बार युवक उनकी बातों में फंस जाते हैं। इस दौरान महिलाएं स्क्रीन रिकार्डर के जरिए वीडियो को रिकार्ड कर पीड़ित युवक को भेज कर पैसों की डिमांड करतीं हैं। पैसा न देने पर वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड करने की धमकी देती है। लोक-लाज के भय में आकर पीड़ित शातिरों के खाते में पैसा डाल देता है। एक बार पैसा मिलने पीड़ित को बार-बार ब्लैकमेल किया जाता है। पैसा न देने पर फर्जी पुलिसकर्मी बन कर मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर रकम ऐंठी जाती है।
हर आयु वर्ग के लोगों को बनाते शिकार
साइबर क्राइम अधिकारियों के मुताबिक अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को शिकार बनाने वाला गिरोह 18 से लेकर 60 तक के हर वर्ग के लोगों को शिकार बनाते है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रकार के गिरोह का आसान शिकार अधिक आयु वर्ग के लोग होते हैं। पत्नी व बच्चों के भय के कारण लोग आसानी से इस गिरोह के झांसे में आ जाते है।
नहीं होता है वीडियो अपलोड
साइबर क्राइम प्रभारी हरमीत सिंह के मुताबिक सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो को अपलोड करने की धमकी देने वालों से डरे नहीं। उन्होंने बताया कि कोई भी सोशल मीडिया साइट अश्लील वीडियो अपलोड नहीं करती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी भी प्रकार से अश्लील वीडियो अपलोड भी हो जाता है तो साइट से जुड़े लोगों के माध्यम से सोशल साइट्स को रिपोर्ट करने पर वीडियो डिलीट हो जाता है।
अपराध होने पर तुरंत करे सूचित
साइबर क्राइम संबंधित अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए साइबर क्राइम विभाग की ओर नंबर1930 व वेबसाइट साइबर क्राइम.जीओबी.इन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। विभाग की ओर से पीड़ित के संबंधित थाने को निर्देशित किया जाता है, जिससे पीड़ित के थाने में ठगी का मुकदमा आसानी से पंजीकृत हो जाता है।
