'मन की बात' में कोई राजनीति नहीं, मोदी को गाली देना कांग्रेस के डीएनए का हिस्सा: सीतारमण 

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फाइल फोटो

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम की 100वीं कड़ी में 'प्रधान सेवक' की तरह बोला और इस रेडियो प्रसारण में कोई राजनीति नहीं है। सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम की कांग्रेस द्वारा आलोचना किये जाने को लेकर उस पर पलटवार करते हुए यह कहा। उन्होंने कहा कि वह (मोदी) हर चीज के बारे में बात करते हैं।

अब अगर कांग्रेस अपने ‘प्रथम परिवार’ द्वारा निर्धारित एजेंडे की बात करने के प्रति ‘आसक्त’ है, तो यह पार्टी पर निर्भर करता है। इससे पहले दिन में, कांग्रेस ने मोदी के 100वें 'मन की बात' रेडियो प्रसारण को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा था कि इस कड़ी के बारे में जोरशोर से प्रचार किया गया था, लेकिन चीन के साथ सीमा विवाद, अडाणी समूह के खिलाफ लगे स्टॉक हेरफेर के आरोप, "बढ़ती" आर्थिक असमानता और पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर यह 'मौन की बात' थी।

वित्त मंत्री ने यहां प्रीत विहार में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के साथ रेडियो प्रसारण सुनने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मन की बात में कोई राजनीति नहीं है...मन की बात की भावना में सकारात्मकता है।" उन्होंने कहा कि मोदी ने 'प्रधान सेवक' की तरह लोगों से बात की, न कि प्रधानमंत्री की तरह और आम लोगों ने भी मुख्य मुद्दों पर आत्मविश्वास से बात की।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, मैं बहुत प्रभावित और प्रेरित महसूस कर रही हूं।" कांग्रेस नेताओं द्वारा मोदी का नाम लिये जाने पर सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री को गाली देना कांग्रेस के ‘डीएनए’ का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ''राहुल गांधी द्वारा ‘मुहब्बत की दुकान’ सजाने के बावजूद उनकी अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष जहर उगल रहे हैं।

वह जहरीले सांप की बात कर रहे हैं। तो आप समझिए कि राहुल कहां जा रहे हैं और उनकी पार्टी किस दिशा में जा रही है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन्हें हरा नहीं सकती, उन्हें गाली देना उसका "स्वभाव" है, लेकिन जनता का समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के साथ है।

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