कासगंज: गंगाघाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाव, गूंजे हर-हर गंगे के स्वर

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 गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने किए देव दर्शन, पूजा अर्चना की

कासगंज, अमृत विचार। सोमवती अमावस्या के अवसर पर जिले के गंगाघाटों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार तड़के ही गंगा स्नान शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मंदिरों में विधि विधान से पूजा-अर्चना की। घाटों पर हर-हर गंगे के स्वर गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर देव दर्शन भी किए।

सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या से ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात आदि राज्यों के श्रद्धालु निजी वाहनों, बसों व ट्रेनों आदि के माध्यम से गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए। यहां की धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस देर रात तक फुल हो गए। गंगा स्नान को श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सोमवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त से गंगा स्नान शुरू हुआ। सोरों के समीप लहरा गंगा घाट पर सबसे अधिक श्रद्धालु उमड़े रहे हैं। इसके अलावा, सोरों में हरि पदी गंगा, इस्मालपुर गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। 

गंगा की जय-जयकार से घाट गूंजते रहे। सुबह 11 बजे तक सभी घाटों पर भारी भीड़ रही। दोपहर बाद से गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में कमी आने लगी। गंगा किनारे श्रद्धालु गंगा को भोग अर्पित और आरती कर विधि विधान से पूजा कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने दुग्ध से गंगा का अभिषेक किया। गंगा घाट पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ व देवताओं की पूजा की जा रही थी। दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पिंडदान भी किए।

कराए गए मुंडन संस्कार
सोमवती अमावस्या के अवसर पर गंगाघाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए। साधू संतों को दान दिया और पुण्य लाभ अर्जित किया। मुंडन संस्कार के अलावा श्रद्धालुओं ने अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भी सहभागिता की।

कछला घाट के दक्षिणी तट पर नहीं पहुंचनें दिए श्रद्धालु
स्नान पर्वो पर गंगाघाटों पर सबसे अधिक भीड़ मध्य प्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालुओं की रहती है। यह श्रद्धालु कासगंज होते हुए सोरों पहुंचते हैं। यहां धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करने के बाद कछला गंगाघाट जाते हैं। दक्षिणी तट पर स्नान करते हैं, लेकिन गंगा में इस बाद दक्षिणी ओर पानी अधिक है। ऐसे में बदायूं और कासगंज जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से योजना तैयार की फिर दक्षिणी तट पर श्रद्धालुओं को नहीं पहुंचने दिया। इसके बाद श्रद्धालु बदायूं जिले की सीमा में उत्तरी तट पर पहुंचे। ऐसे में वहां भीड़ काफी अधिक हो गई। क्योकि दो तटों की भीड़ ने एक ही घाट पर स्नान किया।

लगाए गए शिविर
शिवभक्तों को कोई असुविधा न हो ऐसे में पालिका और पुलिस की ओर से शिविर भी लगाए गए और उद्घोषणा के लिए लाउडस्पीकर भी जगह-जगह लगाए। गए लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार उद्घोषणा की जा रही थी। शिविरों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए व्यवस्थाएं की गई थी।

लगाए गए संकेतक, की गई निगरानी
गंगाघाटों पर संकेतक लगाए गए थे और निगरानी की गई। जिससे कि घाटों पर उमड़ने वाले श्रद्धालु गहराई तक न पहुंचे और हादसे न हो सके। डीएम हर्षिता माथुर और एसपी सौरभ दीक्षित स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।

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