अयोध्या : 121 वर्ष पुरानी क्षीरसागर की शिलापट गायब, डीएम ने कहा - किया जा रहा री स्टोर

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, अयोध्या । रामपथ निर्माण में 121 वर्ष पुराना पौराणिक क्षीरसागर का प्रतीक शिलापट लुप्त हो गया है। हालांकि प्राचीन शिलाओं को पुन: स्थापित करने की बात कही जा रही है।

अयोध्या में नयाघाट से सहादतगंज तक सड़क चौड़ीकरण की योजना पर कार्य चल रहा है, जिसमें कई प्राचीन मंदिरों के सैकड़ों वर्ष पुराने द्वार व भवन तोड़े जा चुके हैं। वहीं अब प्राचीन धरोहर भी इसके जद में लुप्त होने लगे हैं। श्री राम अस्पताल चौराहे पर लगी क्षीरसागर की प्राचीन शिलापट को भी हटा दिया गया है। अभी यह शिला कहां रखी गई है इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

1902 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान अयोध्या के पौराणिक स्थलों के महत्व को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी एडवर्ड के द्वारा एडवर्ड तीर्थ विवेचनी सभा समिति का गठन कर प्राचीन धरोहर के रूप में 148 स्थलों को चिह्नित कर शिलापट स्थापित कराई गई थी, जिसमें 14 नंबर की शिलापट के रूप में क्षीरसागर की पहचान बनी थी, जिसे सड़क चौड़ीकरण योजना में धराशायी कर दिया गया हैं। यही नहीं कुछ और भी शिलाएं इसकी जद में आ रही हैं।

जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि शिलापटों को री-स्टोर किया जा रहा है। 22 ऐसे स्थल हैं, जहां पर एडवर्ड विवेचनी सभा की पटशिलाएं और बड़े साइन बोर्ड को लगाया जाएगा। फिलहाल उन स्थानों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन शिलाओं को संरक्षित करने के लिए टीम को लगाया गया है।

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