कॉमन एट अनकॉमन: सुधा मूर्ति छह साल बाद नई पुस्तक के साथ दस्तक देने को तैयार 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। लोकप्रिय बाल साहित्यकार सुधा मूर्ति करीब छह साल बाद अपनी अगली किताब ‘कॉमन ऐट अनकॉमन’ के जरिये वयस्क कथा साहित्य के क्षेत्र में एक बार फिर दस्तक देने को तैयार हैं। ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित मूर्ति की 73वीं वर्षगांठ पर शनिवार को इसकी घोषणा की। मूर्ति ने बच्चों और वयस्कों के लिए विभिन्न भाषाओं में 250 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने आखिरी बार 2017 में एक वयस्क कथेतर साहित्य ‘‘थ्री थाउजेंड स्टिचेज’’ की रचना की 

उनकी नवीनतम पुस्तक उनके गृहनगर से प्रेरित है और ‘‘साधारण के भीतर असाधारण को उजागर करने के जुनून’’ से ओत-प्रोत है। मूर्ति ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं एक अलग संस्कृति वाले छोटे शहर में पली-बढ़ी हूं। उम्र के तमाम पड़ावों पर मेरी मुलाकात कई पात्रों से हुई तथा इस पुस्तक में चौदह अद्वितीय, परंतु खुद से जोड़े जा सकने वाले पात्र हैं। मुझे उम्मीद है कि आपको 'कॉमन ऐट अनकॉमन' पढ़ने में मजा आएगा और मुझे यकीन है कि आप ऐसे सरल लोगों को याद कर सकते हैं, पहचान सकते हैं, पुरस्कृत कर सकते हैं और उनकी सराहना कर सकते हैं।’’ 

मूर्ति 14 कहानियों के संग्रह के माध्यम से रोजमर्रा की जिंदगी की एक झलक पेश करती हैं और पाठकों को ‘‘मानव स्वभाव की जटिलताओं के माध्यम से, बचपन की यादों, गृहनगर के संबंधों का चित्रण करते हुए तथा अंतर्निहित खामियों और मानव की असीम करुणा का जश्न मनाते हुए’’ एक मनोरम यात्रा पर ले जाती हैं।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की प्रकाशक मिली ऐश्वर्या ने कहा, ‘‘हमारी प्रिय लेखिका सुधा मूर्ति छह साल के अंतराल के बाद वयस्कों के लिए अपनी नई रचना ‘कॉमन ऐट अनकॉमन’ के साथ वापस आ गई हैं। वास्तविक जीवन के पात्रों पर आधारित रोजमर्रा की कहानियां आपका मनोरंजन करेंगी, आपसे जुड़ेंगी और लंबे समय तक आपके साथ रहेंगी।’’ यह किताब इस साल अक्टूबर में आने वाली है और वर्तमान में सभी प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइट पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है। 

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