पीलीभीत: नहीं होने देंगे देवी देवताओं का अपमान, तराई में चलेगा जनजागरण अभियान... बनाई गई रणनीति

Amrit Vichar Network
Published By Vikas Babu
On

पीलीभीत, अमृत विचार: शहर के आर्य समाज मंदिर में गुरुवार दोपहर संजय अग्रवाल सीए की ओर से विचार मंथन बैठक आयोजित की गई। जिसमें आस्था के नाम पर खिलवाड़ का एक स्वर में विरोध किया गया। टी-शर्ट, झंडा, पंपलेट धूपबत्ती, कपूर आदि के पैकेट में विज्ञापन के रूप में देवी देवताओं के फोटो प्रकाशित करने पर एक स्वर में आपत्ति जताई गई। तय किया गया कि इसके लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे डॉ.अनिल सक्सेना ने कहा कि हमारे आराध्या के फोटो पंपलेट,  दीवार, झंडे, शादी के कार्ड, पंपलेट,  टी-शर्ट फ्लेक्स आदि पर नहीं होना चाहिए। चूंकि निष्प्रयोजन होते ही अक्सर देखा जाता है कि ये सब कूड़े के ढेरों में पड़े मिलते हैं। जोकि आस्था से खिलवाड़ करने जैसा है। इस पर रोक लगाने की मांग की गई।

नीरज रस्तोगी ने कहा कि तस्वीर केवल कैलेंडर पर ही छपना चाहिए, पंपलेट इत्यादि पर नहीं। मांग की गई कि सरकार इस पर सख्त कानून बनाए। गौर धाम परिवार के प्रबंधक दीपू अग्रवाल ने कहा कि जब प्रिटिंग ही नहीं होगी तो जाने अनजाने अनादर नहीं होगा।

अभिषेक सिंह उर्फ गोल्डी ने जन जागरण अभियान चलाकर स्कूलों को इससे जोड़ा जाए। जिन घरों में आराध्या के पुराने विज्ञापन एवं कैलेंडर इत्यादि हो उसकी फाइल बनाकर गंगा में प्रवाहित करें। इस मौके पर हरिओम चौधरी, सुधीर सिंह, हरिओम बाजपेई ,आकाश शर्मा, साकेत सक्सेना, लक्ष्मीकांत शर्मा, प्रणव शास्त्री,  शिवम कश्यप एडवोकेट, सौरभ सक्सेना, आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- पीलीभीत: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में खूब लहराया भगवा, अब गणतंत्र दिवस की तैयारी में डूबी तराई, हर तरफ छाया तिरंगा 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीएम योगी ने कृषि मंत्री और शीर्ष अधिकारियों के साथ की समीक्षा, कहा-फार्मर रजिस्ट्री बनेगी योजनाओं का आधार
गोरखपुर का कुसम्ही जंगल बनेगा इको-टूरिज्म हब, 4.84 करोड़ की परियोजना, पहली किस्त के 50 लाख रुपये जारी
खेल इतिहास में जुड़ेगा हैंडबाल लीग: यूपी के शहरों के नाम से बनी 6 टीमें खेलेंगी, मैचों का होगा दूरदर्शन पर प्रसारण
एलडीए की टीम पर हमला! अवैध रो-हाउस तोड़ने पहुंची टीम को जुग्गौर में घेरकर दौड़ाया, जान बचाकर भागे अधिकारी
यूपी में सरकारी कर्मचारियों को सिखाई जाएगी AI : मिशन कर्मयोगी से कार्मिकों को मिला तकनीक-मनोवैज्ञानिक दक्षता बढ़ाने पर जोर