डॉ. मोहन यादव ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में किया दर्शन-पूजन, कहा- धार्मिक पर्यटन से आयेगा लोगों के जीवन में बदलाव
वाराणसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "धार्मिक पर्यटन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और विकास की नई संभावनाएं सृजित करने का कार्य हो रहा है।"
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए वाराणसी पहुंचे सीएम यादव ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया और भ्रमण के बाद अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाकाल धाम के लोकार्पण के बाद उज्जैन की पूरी अर्थव्यवस्था बदल गई है। ठीक उसी तरह श्री काशी विश्वनाथ धाम के विकास के बाद यहां भी व्यापक बदलाव आया है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है तथा विकास की नई गाथा लिखी जा रही है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दोनों राज्यों के बीच परस्पर सौहार्द और सहयोग बढ़ाते हुए विकास की गति को तेज किया जा रहा है। बैठक में महाकालेश्वर धाम और बाबा विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी का आदान-प्रदान किया गया। इस संबंध में एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि देवस्थानों के माध्यम से समाज को बेहतर व्यवस्था प्रदान करना प्रमुख उद्देश्य है। बैठक में उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ और प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम में अपनाई गई व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। कई प्रस्तुतियां भी देखी गईं। बदलते परिवेश में और बेहतर प्रबंधन कैसे किया जा सकता है, इस पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। व्यापार-व्यवसाय में दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य को लेकर शोध कार्य चल रहा है और सरकार फेलोशिप भी दे रही है। विक्रमादित्य की विराट जीवनी को नाट्य रूप में लोगों के सामने लाने के लिए 3 से 5 अप्रैल तक काशी में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इस दौरान हाथी, घोड़े, ऊंट और पालकी के साथ 300-400 कलाकार मिलकर भव्य नाट्य प्रस्तुति करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य साझा संस्कृति को विकसित कर रहे हैं। सोलर एनर्जी पर भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
सोलर प्रोजेक्ट के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच लगभग 2000 मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम चल रहा है, जिससे दोनों राज्यों के किसानों को लाभ पहुंचेगा। डॉ. यादव ने कहा कि काशी, उज्जैन, हरिद्वार जैसे प्राचीन धार्मिक नगरों की पवित्रता को बनाए रखते हुए उनकी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाना सरकारों की प्राथमिकता है, ताकि आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सके।
