यूपी के जिलों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी: अफवाहों का बाजार गर्म, योगी सरकार ने कहा- कोई कमी नहीं

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। अयोध्या, अंबेडकर नगर और बलरामपुर और देवरिया में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, कई जगह 'आउट ऑफ स्टॉक' के बोर्ड लग गए और सीमित मात्रा में ही ईंधन बिक्री की गई। हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। 

अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव बना। कई जगह सुबह 5 बजे से ही वाहन चालकों की लाइन लग गई और कुछ लोग बिना ईंधन लिए वापस लिए ही लौट गए । इस बीच, पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में क्रेडिट सिस्टम खत्म कर एडवांस पेमेंट व्यवस्था लागू की गई है। 

अब डीलरों को पहले भुगतान करना होता है, तभी वे ईंधन उठा सकते हैं। पहले वे स्टॉक लेकर बाद में भुगतान कर सकते थे, जिससे पंपों पर अधिक रिजर्व रहता था। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह कदम वित्तीय रूप से जरूरी है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील पेट्रोल पंपों पर पुलिस तैनात की और भीड़ नियंत्रण के उपाय किए। 

पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए कैन/डिब्बों में बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदें। अयोध्या के जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह जिले में करीब 16 लाख लीटर डीजल और 10 लाख लीटर पेट्रोल उपलब्ध था, लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण कई पंपों का स्टॉक खत्म हो गया। सामान्य स्थिति में आपूर्ति बहाल होने में 8-10 घंटे लगते हैं। गाजीपुर के जिला आपूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में सब कुछ सामान्य स्थिति में है। 

डीजल, पेट्रोल और गैस के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। अफ़वाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। राजधानी लखनऊ में भी हालात सामान्य बने हुए हैं। पेट्रोल पंपों पर न तो लंबी कतारें हैं और न ही किसी तरह की कमी देखने को मिल रही है। पंप संचालकों ने बताया कि सप्लाई नियमित है और किसी तरह की दिक्कत नहीं है। 

उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन और स्थानीय संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति केवल अफवाह और पैनिक के कारण बनी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से ईंधन खरीदें और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें। राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है।

अफवाहों और जरूरत से ज्यादा खरीदारी ने अस्थायी समस्या पैदा की, जिसे प्रशासन और कंपनियां मिलकर नियंत्रित कर रही हैं। तेल कंपनियों के अनुसार, प्रदेश में करीब 20-22 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है। रिटेल पंपों पर लगभग 5 दिन और डिपो में 16-17 दिन का स्टॉक मौजूद है।

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