बरेली: चुनाव में बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रहेगी पाबंदी- डीएम रविंद्र कुमार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार: लोकसभा चुनाव की तैयारी में अधिकारी जुट गए हैं। विकास भवन में बृहस्पतिवार को डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने चुनावी तैयारियों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।

जिलाधिकारी ने कहा कि बिना अनुमति रैली और जुलूस निकालने पर पाबंदी रहेगी। अनुमति की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। विभाग वार तैनात किए गए नोडल अधिकारी ही अनुमति देंगे। टेक्निकल सहायता और शिकायतों के निस्तारण के लिए एडीएम न्यायिक को नियुक्त किया गया है। चुनाव के समय विज्ञापन और प्रचार से पहले लिए एमसीएमसी की ओर से प्रमाणित किया जाएगा। कहा कि आचार संहिता लगते ही सभी दलों की होर्डिंग्स, बैनर को तत्काल हटाने की कार्रवाई करनी है।

चुनाव सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएसएस) के बारे में जानकारी देते हुए डीएम ने कहा कि सीजर के संबंध में एक बार जो रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज हो गई वह रिकार्ड हो जाती है। संतुष्ट होने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करें। कहा कि सभी जिम्मेदार इस बात का पता लगा लें कि कोई ऐसा बूथ तो नहीं है जहां बड़े वाहन नहीं जा पाएं तो दोबारा देखकर रिपोर्ट दें। बूथ नंबर, बीएलओ का नाम, मोबाइल नंबर, एसडीएम, सीओ का नाम जरूर लिखवा दें।

एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने कहा कि एफएसटी और एसएसटी टीम के साथ लगने वाले पुलिस कर्मी सजग रहें। वल्नरेबल बूथ के बारे में सही जानकारी करने के आदेश दिए। सीडीओ जग प्रवेश, एडीएम प्रशासन दिनेश, एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह, एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी सिटी राहुल भाटी, एसपी ट्रैफिक शिवराज सिंह, सभी एसडीएम, सीओ मौजूद रहे।

प्रशिक्षण में नहीं आने वाले कार्मिकों पर एफआईआर की चेतावनी
डीएम ने कहा कि सीविजल एप पर कोई भी व्यक्ति आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत लाइव फोटो अपलोड कर सकते हैं। 15 मिनट में एफएसटी की गाड़ी पहुंचेगी। 30 मिनट में रिपोर्ट करेंगी। ज्यादा समय लगने पर शिकायत उच्चाधिकारियों के पास फारवर्ड हो जाएगी। कहा कि चुनाव में अपरिहार्य कारणों को छोड़कर किसी को अवकाश नहीं मिलेगा। 

प्रशिक्षण में नहीं आने वालों नोटिस देकर एफआईआर कराने की चेतावनी दी है। डीएम ने सभी एसडीएम, सीओ, तहसीलदारों को क्रिटिकल, वल्नरेबल बूथों का निरीक्षण कर सूची बनाकर रखने के आदेश दिए। कहा कि जिन बूथों पर दिव्यांग मतदाता नहीं हैं, वहां आवंटित व्हील चेयरों को जहां ज्यादा दिव्यांग वोटर हैं वहां भेज दी जाएं।

यह भी पढ़ें- बरेली: दंगे की फाइल ट्रांसफर कराने को शाहरूख खान की दूसरी अर्जी, पहली वापस

संबंधित समाचार